यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली दुष्कर्म मामला: नशीला पदार्थ खिलाकर किशोरी से कर रहा था हैवानियत, न्यायिक हिरासत में भेजा आरोपी
तीस हजारी अदालत के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने मंगलवार को दिल्ली सरकार के अधिकारी प्रेमोदय खाखा को दोस्त की नाबालिग बेटी ...और पढ़ें

HighLights
- आरोपित उपनिदेशक के पूरे परिवार को किशोरी ने बताई थी आपबीती, किसी ने नहीं की मदद।
- 31 अक्टूबर 2020 को पहली बार किया था दुष्कर्म, जनवरी 2021 तक बनाया हवस का शिकार।
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास के विभाग के निलंबित उपनिदेशक प्रेमोदय खाखा दोस्त की नाबालिग बेटी को नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करता था। पहली बार उसने 31 अक्टूबर 2020 को दुष्कर्म किया था और जनवरी 2021 तक अपनी हवस का शिकार बनाता रहा। जब उसने पहली बार दुष्कर्म किया तो इसकी जानकारी पीड़िता ने आरोपित की पत्नी सीमा रानी को दी थी। तो वो उल्टा किशोरी पर ही आरोप लगाने लगी।
उसने किशोरी से कहा कि तूने ही कुछ किया होगा, तूने ही गलत इशारे किए होंगे। इसके साथ ही पीड़िता ने आरोपित के दोनों बच्चों को भी जानकारी दी थी।
एफआईआर में पीड़िता ने क्या आरोप लगाए?
दर्ज की गई एफआईआर में पीड़िता ने बताया कि सीमा डंडो से उसकी पिटाई करती थी, पढ़ाई में कम नंबर आने पर हाथों पर डंडो से पिटाई करती थी। मंगलवार को उत्तरी जिला पुलिस ने आरोपित प्रेमोदय खाखा का राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिकल करा तीस हजारी कोर्ट में पेश किया, जहां उसे एक दिन के लिए जेल भेज दिया गया है।
गोद ली गई थी पीड़िता
पुलिस बुधवार को आरोपित को फिर से कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता जब एक वर्ष की थी, तब उसे गोद लिया गया था। पीड़िता के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। मामले की जांच कर रही एक टीम मंगलवार को बुराड़ी स्थित चर्च और आरोपित के घर पहुंची। वहां पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की।
चर्च में कई लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने आरोपित प्रेमोदय और उसकी पत्नी सीमा का मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर दोनों के मोबाइल को जांच के लिए एफएसएल भी भेजा जाएगा। फिलहाल पुलिस की टीम साक्ष्यों को जुटाने में लगी हुई है।
बेकसूर बता रहा आरोप खुद को
पुलिस की पूछताछ में आरोपित लगातार खुद को बेकसूर बता रहा है। उसका कहना है कि उसने पीड़िता के साथ कुछ नहीं किया, उसे जबरन फंसाया जा रहा है। पुलिस और मजिस्ट्रेट को दिए बयान में पीड़िता ने बताया कि एक अक्तूबर 2020 को पिता की मौत के बाद वह आरोपित के घर आ गई। इस दौरान कोरोना की वजह से स्कूल बंद हो गए।
आरोपित भी घर से ही काम कर रहा था। पीड़िता की ऑलाइन क्लास शुरू हो गई। उस समय वह उत्तरी दिल्ली के नामी स्कूल में पढ़ाई करती थी। नवंबर 2020 से जनवरी 2021 तक आरोपित ने पीड़िता के साथ चार से पांच बार दुष्कर्म किया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आते-जाते आरोपित उसके निजी अंगो पर हाथ लगाता था। पहली बार जब उसके साथ दुष्कर्म हुआ तो उसने प्रेमोदय की पत्नी को बता दिया था।
उल्टा उसने पीड़िता पर ही आरोप लगाना शुरू कर दिए। पीड़िता ने आरोप लगाए कि सीमा बहुत सख्त थी, छोटी-छोटी बातों पर वह उसे डंडे से मारती थी। पीड़िता ने जनवरी में जब अपने गर्भवती होने की बात सीमा को बताई तो उसने कहा की अभी पहला माह है, ऐसे में गर्भपात करा देते हैं। उसने अपने बेटे से प्रेग्नेंसी टेस्ट करने वाली किट मंगाई।
टेस्ट पॉजिटिव आने पर अपने बेटे से ही गर्भपात की दवाई मंगाकर पीड़िता को खिला दी। इसके बाद उसने सारी बात प्रेमोदय के बेटा और बेटी को भी बताई, लेकिन उन्होंने उसकी बात नहीं मानी। इस दौरान 16 जनवरी को उसकी मां घर पहुंची तो उसने साथ चलने की जिद की। बाद में फरवरी के शुरुआत में मां उसे अपने साथ ले गई।
इसके बाद वह जब भी मां के साथ चर्च जाती तो प्रेमोदय उसके साथ अश्लील हरकत करता। जुलाई 2023 में पीड़िता ने चर्च जाना ही छोड़ दिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। सात अगस्त को तबीयत बिगड़ने पर उसे सेंट स्टीफन अस्पताल ले जाया गया तो उसने 11 अगस्त को काउंसलिंग के दौरान डाक्टर को साथ हुई वारदात की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
वकील का दावा- कई वर्ष पहले प्रेमोदय ने करा ली थी नसबंदी
आरोपित प्रेमोदय के वकील उमाशंकर गौतम का कहना है कि मामले में पुलिस की जांच अभी प्रारंभिक है। प्रेमोदय ने 20 वर्ष पहले ही नसबंदी करा ली थी। वहीं पुलिस ने आरोपित का नसबंदी टेस्ट कराया है। इसकी रिपोर्ट अभी मिलनी बाकी है। पुलिस अधिकारी का यह भी कहना है कि पीड़िता बार-बार आरोपित का नाम ले रही है। अभी भी पह अस्पताल में उपचाराधीन है। जैसी उसके स्वास्थ्य में और सुधार होगा तो उसका 164 में दोबारा बयान लेने पर विचार कर रहे हैं।
पीड़िता की मां किसी नहीं मिलना चाहती
पीड़िता की मां ने एक पत्र लिख कर कहा कि उनकी बेटी का स्वास्थ्य अभी ठीक नहीं है। वह मानसिक तनाव में है, ऐसे में उन्हें अभी किसी से नहीं मिलना है। सोमवार को लिखे पत्र को सेंट स्टीफंन अस्पताल के डाक्टरों को दिया। उसमें बताया कि बेटी ने 164 में मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दे दिया है। अब हमें इस विषय पर किसी से कोई बात नहीं करनी। यह हमारे लिए गंभीर तनाव का समय है। हमारे तनाव को और न बढ़ाया जाए। इसके बावजूद अस्पताल में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल अस्पताल में पीड़िता और उसकी मां से मिलने के लिए सुरक्षा गार्डों और पुलिस से जिद करती रही। पुलिस पर नहीं मिलने देने का आरोप लगाती रही।
इनपुट- धनंजय मिश्रा
