नई दिल्ली, जेएनएन। अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआइपी हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में आरोपित मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी की अग्रिम जमानत याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति सुनील गौर की पीठ ने कहा कि मामले की प्रभावी जांच के लिए रतुल पुरी को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जरूरत है। पूछताछ के दौरान रतुल पुरी जांच एजेंसी को कपटपूर्ण जवाब दे रहे थे।

अदालत के सामने पेश किए गए बयान से यह भी साबित हुआ है कि उन्होंने जांच एजेंसी को प्रभावित करने की कोशिश की। पीठ ने कहा कि रतुल पुरी को अग्रिम जमानत देने का असर मुकदमे पर पड़ेगा। पूरे मामले पर विचार करने के बाद प्राथमिक तौर पर अदालत को ऐसा लगता है कि प्रभावी जांच के लिए पुरी को हिरासत में लेना जरूरी है। इससे पहले पीठ ने पुरी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से की गई जिरह सुनी।

ईडी ने अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया। पुरी की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि रतुल जांच में सहयोग कर रहे हैं। ईडी का आरोप है कि मामले में रतुल पुरी की भूमिका तब सामने आई, जब आरोपित राजीव सक्सेना को 31 जनवरी को यूएई से प्रत्यर्पण कर भारत लाया गया। जांच में पता चला कि पुरी की कंपनी की विदेशी ईकाई ने फंड प्राप्त किया। यह भी आरोप है कि पुरी दूसरे नामों से फर्जी कंपनी चला रहे थे।

वकील विजय अग्रवाल के माध्यम से रतुल ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। निचली अदालत ने सात अगस्त को अग्रिम जमानत की मांग ठुकरा दी थी और नौ अगस्त को उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। रतुल ने अग्रिम जमानत पर फैसला लेने से पहले अन्य सभी आवेदनों पर सुनवाई करने के लिए निचली अदालत को निर्देश देने की मांग हाई कोर्ट से की थी। हाई कोर्ट ने इस याचिका को भी खारिज कर दिया था। रतुल हिंदुस्तान पॉवर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष हैं। वह नीता और दीपक पुरी के बेटे हैं। दीपक पुरी ऑप्टिकल स्टोरेज मीडिया फर्म मोजर बेयर के सीएमडी हैं। ईडी ने उनके खिलाफ मनी लॉड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया है।

 

Posted By: Mangal Yadav

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