नई दिल्ली, जेएनएनऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin owaisi) को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। वर्ष 2014 में दी गई हेट स्पीट के एक मामले में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूर्व में दर्ज हुई प्राथमिक जांच रिपोर्ट (FIR) पर जांच करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने यह आदेश शिकायतकर्ता अजय गौतम की अपील पर दिया है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी। इसके खिलाफ अजय गौतम ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ यह आदेश जारी किया है। 

यहां पर बता दें कि AIMIM के प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी अपने बयानों के चलते अकसर विवादों में रहे हैं। कई बार उनके बयानों को लेकर राजनीतिक विवाद पैदा हो रहा है। यह अलग  बात है कि ओवैसी जो वकालत की पढ़ाई कर चुके हैं और सभी का जवाब देते हैं। 

जानिए सर्वाधिक विवादित बयान
1. तीन तलाक पर ओवैसी ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा था कि दरअसल इनका असली निशाना शरियत है। 

2. ओवैसी ने केंद्र सरकार को देश के विभिन्न हिस्सों में हिंदू तीर्थयात्रियों को दी जा रही वित्तीय सहायता और सब्सिडी को खत्म करने की चुनौती दी थी, कहा था कि विभिन्न राज्यों में विभिन्न धार्मिक आयोजनों और तीर्थयात्राओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, ओवैसी ने कहा कि वैसे भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत हज सब्सिडी 2022 तक खत्म होनी ही थी।

3. विश्व विरासत ताजमहल के बाहर जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब सड़क की सफाई की थी, तब असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि भाजपा-आरएसएस नेताओं के दिमाग की सफाई ज्यादा जरूरी है।

4. हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लातूर जिले के उदगीर तहसील में एक जनसभा के दौरान विवादस्पद बयान दिया था कि संविधान में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि किसी को ‘भारत माता की जय’ बोलना है. मैं यह नारा नहीं लगाता। 

Posted By: JP Yadav

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