नई दिल्ली [आशीष गुप्ता]। बेटी से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने सौतेले के पिता को जमानत देने से इन्कार कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितेश सिंह के कोर्ट ने आदेश में कहा कि आरोपित पर लगा आरोप गंभीर है। मामले की अभी शुरुआती जांच चल रही है। ऐसे में आरोपित को जमानत देना उचित नहीं है।

सौतेले पिता पर लगा दुष्कर्म का आरोप

मंडावली क्षेत्र में रहने वाली 26 वर्षीय युवती ने मुकदमा दर्ज कराते हुए सौतेले पिता पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि वह तलाकशुदा हैं और मां के साथ रहती हैं। 23 सितंबर 2021 को उनके सौतेले पिता ने उनसे छेड़छाड़ की थी। इसका उन्होंने विरोध किया था। उसी दिन रात को उनकी मां किसी काम से उत्तर प्रदेश चली गई थीं। अगले दिन 24 जनवरी, 2021 को उन्हें घर पर अकेला पाकर सौतेले पिता ने उनके साथ दुष्कर्म किया।

एक सप्ताह के अंदर कई बार किया दुष्कर्म

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि रीढ़ की हड्डी में परेशानी होने के कारण वह खुद को बचा नहीं सकीं। इसके बाद आरोपित ने एक सप्ताह तक कई बार दुष्कर्म किया। आरोपित ने वकील के माध्यम से जमानत अर्जी दायर करते हुए कहा कि उसे झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। इसके साथ ही दावा किया कि वह युवती का सौतेला पिता नहीं है। यह भी आरोप लगाया कि युवती की मां उसकी प्रापर्टी कब्जा करना और रुपये ऐंठना चाहती है। इस संबंध में उसने कई आडियो फाइलें प्रस्तुत की थी।

दलील सुनने के बाद कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी

यह दावा कि उसे हृदय से जुड़ी बीमारियों के अलावा कई तरह के रोग हैं, जिस कारण वह किसी के साथ इस तरह का कृत्य नहीं कर सकता। हालांकि इस संबंध में उसने मेडिकल रिपोर्ट नहीं लगाई थी। कोर्ट ने आडियो फाइलें सनीं तो आरोपित की बात में सत्यता नहीं पाई। दोनों पक्षों की तरफ से पेश तथ्यों को देखने के बाद कोर्ट ने आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

Edited By: Prateek Kumar