नई दिल्ली, अरविंद कुमार द्विवेदी। राजधानी के स्कूलों में हजारों टन अनाज बर्बाद होने के मामले में उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कार्रवाई के आदेश किए तो विभाग के अधिकारियों ने सड़े अनाज को रातोंरात स्कूलों से हटाकर सिरसपुर स्थित दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (डीएससीएससी) के गोदाम पहुंचा दिया। निगम सूत्रों के अनुसार, अनाज उठाने के बाद अधिकारियों ने स्कूलों के उन कमरों को पूरी तरह साफ करवा दिया जहां अनाज रखा था।

दिल्ली सरकार के खाद्य आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अनाज को स्कूलों से उठाकर सिरसपुर गोदाम में पहुंचाया गया है। अभी यह तय नहीं हुआ है कि इस सड़े अनाज का आगे क्या किया जाएगा। वसंत कुंज स्थित मसूदपुर के जिस स्कूल में सबसे पहले अनाज बर्बादी का मामला सामने आया था वहां से भी अनाज हटा दिया गया है। स्थानीय निगम पार्षद मनोज महलावत ने बताया कि अनाज हटाने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी झाड़ू लगवाकर हाल को पानी से धोने की तैयारी में थे, लेकिन उनके विरोध के कारण वे ऐसा नहीं कर पाए।

मनोज महलावत ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव को इस मामले में कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसलिए जांच से बचने के लिए विभाग के अधिकारी अनाज को स्कूलों से हटाकर कमरों को धुलवा रहे हैं ताकि अनाज की बर्बादी का कोई सुबूत ही न बचे। महलावत ने इस बारे में पुलिस से भी शिकायत की है। वहीं, खानपुर के निगम पार्षद सुरेश गुप्ता ने बताया कि यहां के स्कूल से भी राशन हटाकर कमरों को पूरी तरह से साफ करवा दिया गया है।

यह है मामला

पिछले साल लाकडाउन में गरीबों को बांटने के लिए अनाज आया था। यह उन गरीबों को आधार कार्ड पर बांटा जाना था, जिनके पास राशन कार्ड नहीं थे। लेकिन, इसे बांटने के बजाय स्कूल में रखे-रखे सड़ा डाला गया। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता, सांसद रमेश बिधूड़ी, भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता, भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष गजेंद्र यादव आदि ने इसे अनाज घोटाला करार देते हुए मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari