नई दिल्ली [स्वदेश कुमार]। कोरोना से संक्रमित मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर का स्वास्थ्य अब पहले से ठीक है। उन्हें सांस लेने की दिक्कत के कारण जीटीबी अस्पताल से सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था। यहां उनके स्वास्थ्य में सुधार है। हालांकि रह-रह कर हल्का बुखार अभी भी आ रहा है। उन्हें इस समय अपने परिवार की चिंता सता रही है। उनकी पत्नी व बेटी भी कोरोना पॉजिटिव हैं और जीटीबी अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं बेटा और उनकी बुजुर्ग घर में क्वारंटाइन हैं। उन्होंने लोगों से लॉकडाउन में घर से बाहर न निकलने की अपील की है। उनका कहना है कि डॉक्टर होने के बावजूद हमें यह पता नहीं चला कि कोरोना से पीड़ित हो गए। ऐसे में आम लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

रात में ही अपने सहयोगी डॉक्टरों से मांगी मदद

दैनिक जागरण से फोन पर बातचीत में डॉक्टर ने कहा कि 23-24 अप्रैल की आधी रात उनकी तबियत काफी खराब हो गई। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। वे काफी घबरा गए। उन्हें लगा कि अब बचना मुश्किल है। इसी वजह से उन्होंने रात में ही अपने सहयोगी डॉक्टरों से मदद मांगी। डॉ. अश्विनी गोयल, डॉ. हरीश गुप्ता और बीबी वाधवा ने साथ दिया। रात में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के प्रयासों से वे सफदरजंग अस्पताल पहुंच गए।

12 घंटे तक आइसीयू में रखा

यहां करीब 12 घंटे तक उन्हें आइसीयू में रखा गया। इसके बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ और उन्हें एक कमरे में भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि दो दिनों से सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बुखार हल्का बना हुआ है। उम्मीद है कि जल्द स्वस्थ होंगे, लेकिन अभी भी कुछ डर बना हुआ है। वे परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। इस समय उन्होंने सब कुछ भगवान पर छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि वीडियो कॉल के जरिये वे परिवार के सदस्यों से बातचीत कर पा रहे हैं। फिलहाल, उन सबकी तबियत ठीक है। उन्होंने कहा कि अभी कम ही लोगों से बात करने की इच्छा हो रही है।

एक हफ्ते के बाद आए लक्षण

उन्होंने कहा कि उनके अंदर लक्षण आने में एक हफ्ते से ज्यादा समय लगा। 18 मार्च को महिला के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि होने के साथ ही वे जीटीबी अस्पताल पहुंच गए थे। लेकिन, 19 तारीख तक उनके अंदर कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। इसके बाद खांसी और बुखार आना शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि लोग इस वायरस को हल्के में न लें।

तीन दिन बैठे मोहल्ला क्लीनिक में

डॉक्टर ने बताया कि 12 मार्च को शाम को उन्होंने महिला को अपने क्लीनिक पर देखा था। इसके बाद 13 से 17 मार्च के बीच वे तीन दिन ही मोहनपुरी स्थित मोहल्ला क्लीनिक गए थे। बीच में एक रविवार पड़ा था और एक दिन का उन्होंने अवकाश लिया था। उन्होंने कहा कि तीन दिनों में मोहल्ला क्लीनिक और निजी क्लीनिक में जितने मरीजों को देखा उनका सबका विवरण जिला स्वास्थ्य विभाग के पास है।

स्वास्थ्य मंत्री और साथी डॉक्टरों का जताया आभार

डॉक्टर ने बताया कि उन्हें सफदरजंग में भर्ती कराने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने उनसे फोन पर बातचीत की और उनका हालचाल लिया। उन्होंने धीरज रखने के लिए कहा है। डॉक्टर ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ साथी डॉक्टरों का भी आभार जताया जिन्होंने आधी रात में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।

Posted By: Prateek Kumar

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