नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। रेलवे स्टेशनों पर खानपान व अन्य जरूरी सामान के स्टॉल खोलने के आदेश के बावजूद अधिकतर स्टेशनों पर अब तक यह सेवा शुरू नहीं हो सकी है। कोरोना महामारी व लॉकडाउन की वजह से विक्रेता प्लेटफॉर्म पर सेवा देने को तैयार नहीं हैं। इसे लेकर अखिल भारतीय रेलवे खानपान लाइसेंसी वेलफेयर एसोसिएशन ने रेल प्रशासन से आग्रह किया है कि विक्रेताओं पर स्टॉल खोलने के लिए दबाव नहीं बनाया जाए।

श्रमिक विशेष ट्रेनों के साथ ही विशेष राजधानी ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। साथ ही एक जून से एक सौ जोड़ी और ट्रेनें पटरी पर उतारने की तैयारी है। इसे ध्यान में रखकर रेलवे बोर्ड ने 21 मई को सभी जोनल रेलवे को पत्र लिखकर स्टेशनों पर खानपान एवं जरूरी सामान के स्टॉल खोलने का निर्देश दिया था।

एक सप्ताह बाद भी विक्रेता अपने काम पर नहीं लौटे हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता का कहना है कि कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक अपना व्यवसाय बंद नहीं रखना चाहता है, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में लोगों को अपनी दुकानें खोलने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि स्टॉल पर काम करने वाले कई लोग अपने मूल स्थान पर लौट गए हैं। उन्हें वापस लौटने में परेशानी हो रही है।

लॉकडाउन और रेड जोन की वजह से परेशानी

इसी तरह से लॉकडाउन और रेड जोन की वजह से भी इसमें परेशानी है। उन्होंने पत्र में प्लेटफॉर्म पर स्थित स्टॉल व वहां काम करने वालों की सुरक्षा का भी मुद्दा पत्र में उठाया है। उनका कहना है कि श्रमिक विशेष ट्रेनों से जा रहे लोग कई स्थानों पर खाने पीने का सामान जबरन उठाकर ले जा रहे हैं। इस स्थिति में प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा का पर्याप्त प्रबंध जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी वेंडर्स को अपनी दुकानें खोलने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए। उन पर इसके लिए दबाव बनाना ठीक नहीं है।

 

Posted By: Prateek Kumar

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