नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। राजधानी दिल्ली में बेकाबू होते कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच एक राहत भरी खबर आयी है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने कहा है कि एक हफ्ते के अंदर संक्रमण चरम पर पहुंच सकता है। पॉजिटिविटी दर 50 फीसद तक भी पहुंच सकती है, लेकिन उसके बाद दिल्ली में कोरोना के मामले कम होने शुरू होंगे। अप्रैल के अंत तक कोरोना संक्रमण के मामले घटने लगेंगे एवं मई के दूसरे हफ्ते तक स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर हो जाएगी। हालांकि इसके लिए मास्क लगाना, शारीरिक दूरी समेत कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करना होगा।

दिल्ली के नामी सफदरजंग अस्पताल के सामुदायिक आयुर्विज्ञान विभाग के डॉ. युगल किशोर ने दैनिक जागरण से बातचीत के दौरान बताया कि फरवरी महीने में कराए गए सीरो सर्वे में दिल्ली की 50 फीसद आबादी के पहले ही कोरोना वायरस के संपर्क में आ चुके होने की बात कही थी। इनके दोबारा संक्रमित होने के मामले न के बराबर आ रहे है। इक्का दुक्का ही मामले अब तक सामने आए हैं। अभी जो अचानक कोरोना के मामले तेजी से बढ़े इसके पीछे लोगों का शारीरिक दूरी का पालन किए बिना एक दूसरे से मिलना, मास्क लगाने में लापरवाही है। यह सभी जानते है कि कोरोना वायरस लोगों के एक दूसरे के नजदीकी संपर्क में आने से फैलता है।

सीरो सर्वे 15 से 23 जनवरी के बीच कराया गया था। पांचवें सीरो सर्वे के मुताबिक दिल्ली की 56 फीसद आबादी में वायरस के खिलाफ एंटीबाडी विकसित हो चुकी है। अभी जो शेष आबादी संक्रमण के चपेट में आ रही है। जब आबादी के एक बड़े हिस्से में एंटीबाडी डेवलप हो जाती है तो संक्रमण की चेन टूट जाती है। हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो जाती है। वर्तमान में जो संक्रमण का दौर है वो चरम की तरफ पहुंच रहा है। ऐसे में सकारात्मकता दर 50 फीसद तक पहुंच सकती है। वर्तमान में यह 29 फीसद के आसपास है, लेकिन डॉ. जुगल किशोर ने कहा कि अप्रैल के अंत तक मामले घटने की संभावना है। 

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