नई दिल्ली, [भगवान झा]। राजधानी के अस्पतालों में बेड की किल्लत को देखते हुए होम आइसोलेशन में ईलाज करा रहे कोरोना संक्रमितों के तीमारदार ऑक्सीजन के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सिर्फ राजधानी ही नहीं बल्कि गुरुग्राम, पलवल, फरीदाबाद, बहादुरगढ़, रोहतक तक ऑक्सीजन की आस में जा रहे हैं।

एक अनुमान के मुताबिक अभी राजधानी में होम आइसोलेशन में करीब 50 हजार मरीज हैं, जिसमें से करीब 12 हजार मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत बताई जा रही है। लोगों की बेबसी व जरूरत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिलेंडर में ऑक्सीजन भरवाने के लिए रि-फिलिंग सेंटर के बाहर घंटों लाइन में लगे रहते हैं। मिल गया तो ठीक और नहीं मिला तो फिर दूसरे स्थान के लिए रवाना हो जाते हैं।

अंबे गैस इंटरप्राइजेज के मालिक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मेरा प्लांट पिछले दो दिनों से चल रहा है। इन दो दिनों में दो हजार से 25 सौ लोगों के छोटे सिलेंडर यहां पर भरे गए हैं। लंबी लाइनें लगी रहती हैं। जब तक ऑक्सीजन रहता है हम देते हैं, लिक्विड के खत्म होने पर हमारे हाथ भी बंधे रहते हैं। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार तक हमने ऑक्सीजन दिया है, लेकिन अब शुक्रवार से सरकार ई-टोकन जारी करेगी और उसी आधार पर होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को ऑक्सीजन दी जाएगी। इसका मतलब अब सीधे किसी को ऑक्सीजन नहीं मिलेगी।

लाजपत नगर पार्ट एक के कृष्णा नगर मार्केट स्थित गुरुद्वारा में भी ऑक्सीजन दी जा रही है। रश्मित ने बताया कि यहां पर प्रतिदिन दो सौ से ढाई सौ लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर भरकर दिया जाता है। यहां से होम आइसोलेशन में रहने वाले संक्रमितों के साथ-साथ अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए भी लोग ऑक्सीजन ले जाते हैं। कई बार लोग ऑक्सीजन खत्म होने के बाद आते हैं तो बड़ी तकलीफ होती है। जनकपुरी में लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर भरकर दे रहे अमर तिवारी ने बताया कि नारायणा से बड़े सिलेंडर भरवाकर लाता हूं। प्रतिदिन 50 लोग यहां से निश्चित रूप से ऑक्सीजन ले जाते हैं।

यमुनापार में दिलशाद गार्डन स्थित गुरुद्वारे के पास विनायक फिलिंग केंद्र पर ऑक्सीजन मिल रही है। यहां के संचालक का कहना है कि रोजाना 200 से 250 लोगों को सिलेंडर देकर मदद की जा रही है। केंद्र पर भीड़ न हो इसके लिए खाली सिलेंडर जमा करवाकर बुकिंग करते हैं। इसके बदले में उन्हें पर्ची दी जा रही है जिस पर सिलेंडर मालिक का नाम व किस दिन मिलेगा इसका विवरण दर्ज होता है। यह हालत राजधानी के अधिकांश इलाके में देखी जा सकती है।