नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। लॉकडाउन का दिल्ली सरकार के राजस्व वसूली पर भी असर पड़ा है। दिल्ली सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में अपना बजट 65 हजार करोड़ का रखा है, जो प्रमुख रूप से जीएसटी और आबकारी विभाग से टैक्स के रूप में मिलने वाले राजस्व पर निर्भर है। वित्त वर्ष 2019-20 में दिल्ली सरकार के जीएसटी कलेक्शन में निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है।

फरवरी 2020 के मुकाबले मार्च 2020 में कलेक्शन 14 फीसद और मार्च 2019 के मुकाबले 12 फीसद घटा है। दिल्ली सरकार को वित्त वर्ष 2019-20 में जीएसटी के तौर पर लगभग 22,085 करोड़ रुपये मिले हैं, जो 2018-19 में आए 19,920 करोड़ रुपये से लगभग 11 फीसद ज्यादा हैं। दिल्ली सरकार ने वर्ष 2019-20 के बजट में करीब 23 हजार करोड़ रुपये जीएसटी संग्रह का लक्ष्य रखा था, जो अंतरिम आंकड़ों के आधार पर पूरा नहीं हो सका।

मार्च में मिला 1,630 करोड़ रुपये जीएसटी

मार्च 2020 में दिल्ली सरकार को लगभग 1,630 करोड़ रुपये जीएसटी मिला है, जो मार्च 2019 में प्राप्त 1,860 करोड़ से 12 फीसद कम है।

आबकारी को भी कम मिला राजस्व

इसी तरह आबकारी विभाग ने मार्च के लिए जो निर्धारित टैक्स फिक्स किया था उसमें करीब 500 करोड़ की कमी हुई है। सरकार को फरवरी 2020 तक एक्साइज से कुल 4670 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था और लॉकडाउन से पहले 5028 करोड़ रुपये राजस्व के रूप में मिल चुके थे, जबकि पिछले साल सरकार को 5 हजार करोड़ का राजस्व आबकारी से मिला था। विभाग का मानना है कि मार्च 2020 में आबकारी से मिलने वाला राजस्व 55 सौ करोड़ से ज्यादा होता।

सरकार ने आबकारी विभाग से 63 सौ करोड़ के राजस्व का टारगेट रखा है। आप ट्रेड विंग के संयोजक बृजेश गोयल कहते हैं कि कोरोना का असर मार्च व अप्रैल के जीएसटी कलेक्शन पर भी पड़ेगा।

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Posted By: Mangal Yadav

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