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तीन चरणों में होगा राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का निर्माण, बजट की कमी बनी समस्या

Publish Date:Sun, 15 Oct 2017 06:05 PM (IST) | Updated Date:Sun, 15 Oct 2017 10:02 PM (IST)
तीन चरणों में होगा राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का निर्माण, बजट की कमी बनी समस्यातीन चरणों में होगा राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का निर्माण, बजट की कमी बनी समस्या
केंद्र सरकार ने एम्स को एनसीआइ के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए मार्च 2018 का लक्ष्य दिया है। एम्स ने जुलाई 2018 तक निर्माण पूरा कर लेने का लक्ष्य भी निर्धारित किया था।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य परियोजना व एम्स के हरियाणा स्थित झज्जर परिसर में निर्माणाधीन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआइ) का निर्माण तय समय से पूरा नहीं हो पाएगा, इसलिए एम्स की गवर्निंग बॉडी ने अब एनसीआइ का निर्माण तीन चरणों में पूरा करने का फैसला किया है। पहले चरण में अगले साल तक एम्स के एनसीआइ में ओपीडी और 210 बेड की सुविधा हो पाएगी।

अमेरिका के एनसीआइ व एम्स के बीच समझौता 

एम्स में कैंसर के बढ़ते मरीजों और बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए अमेरिका के एनसीआइ की तर्ज पर यहां 2035 करोड़ की लागत से एनसीआइ का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 710 बेड व कैंसर के इलाज के लिए अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए केंद्र सरकार ने अमेरिका के एनसीआइ व एम्स के बीच समझौता भी कराया है।

परियोजना में देरी हो रही है

केंद्र सरकार ने एम्स को एनसीआइ के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए मार्च 2018 का लक्ष्य दिया है। एम्स ने जुलाई 2018 तक निर्माण पूरा कर लेने का लक्ष्य भी निर्धारित किया था। शुरूआती दौर की तेजी के बाद अब इस परियोजना में देरी हो रही है, इसलिए इस परियोजना के कार्यान्वयन पर सवाल उठने लगे हैं। इसका एक कारण बजट में कमी भी बताया जा रहा है। हालांकि एम्स के सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को कंप्लायंस सर्टिफिकेट (यूसी) देने में हीलाहवाली के कारण बजट की समस्या आई।

संसाधन जुटाना आसान नहीं होगा

इसके अलावा यह भी माना जा रहा है कि एक साथ 710 बेड के साथ एनसीआइ को शुरू करने के लिए डॉक्टर, पैरामेडिकल कर्मचारी व अन्य संसाधन जुटाना आसान नहीं होगा, इसलिए इसे चरणबद्ध तरीके से विस्तार करने की योजना तैयार की गई है। पहले चरण में दिसंबर 2018 तक ओपीडी व 210 बेड की सुविधा होगी। इसके अगले साल 2019 में इसका विस्तार कर 450 बेड की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद वर्ष 2020 में एनसीआइ में क्षमता के अनुरूप 710 बेड की सुविधा हो जाएगी।

मरीजों को महीनों इंतजार करना पड़ता है

उल्लेखनीय है कि सरकारी अस्पतालों में कैंसर के इलाज की सुविधाएं सीमित हैं। दिल्ली में भी सिर्फ चार सरकारी अस्पतालों में रेडिएशन थेरेपी की सुविधा है। इनमें भी सिर्फ एम्स व दिल्ली राज्य कैंसर इंस्टीट्यूट ही बेहतर सुविधा दे पा रहे हैं इसलिए रेडियोथेरेपी के लिए मरीजों को महीनों इंतजार करना पड़ता है। बुनियादी ढांचे में कमी के चलते ही एनसीआइ का निर्माण शुरू किया गया है।

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एम्स के एनसीआइ में प्रस्तावित बेड
कुल बेड- 710
सर्जिकल आंकोलॉजी- 200
मेडिकल आंकोलॉजी- 200
रेडिएशन आंकोलॉजी- 120
पैलिएटिव केयर- 40
न्यूक्लियर मेडिसिन, आइसीयू, इमरजेसी, डे-केयर- 150 

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Web Title:ncr Construction of National Cancer Institute in three phases(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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