नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के उस बयान से पूर्णतया असहमति जताई है जिसमें उन्होंने वीकेंड कर्फ्यू को कारगर बताते हुए कोरोना संक्रमण दर घटने की बात कही है। प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी का कहना है कि संक्रमण दर कम होने की असली वजह जांच कम करना है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार तो कोरोना से मरने वालों के आंकड़े भी छिपाने की कोशिश कर रही है।

सोमवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान चौधरी ने कहा कि पिछले पांच दिनों के दौरान कोरोना जांच में 40 प्रतिशत की कमी आई है। 12 जनवरी को एक लाख जांच हुई जबकि 16 जनवरी को सिर्फ 65000 के लगभग ही जांच की गई। उन्होंने कहा कि जांच में कमी करके आप सरकार गरीबों को बचाने का कोई काम नही कर रही, जबकि सरकारी अस्पतालों में टेस्टिंग किट मुहैया नही होने के कारण लोग निजी अस्पतालों में जांच करवाने को मजबूर हैं। अस्पतालों में ओपीडी बंद होने से भी लोग हताहत हैं।

उन्होंने आगे कहा कि महामारी के प्रकोप में जहां परीक्षा, आवागमन, कार्यालय आगमन, हवाई यात्रा आदि के लिए कोरोना जांच रिपोर्ट की जरुरत है वहीं दिल्ली सरकार के पास पर्याप्त किट होने पर भी जांच नहीं की जा रही है। चौधरी ने कहा कि दिल्ली सरकार कोरोना की दूसरी लहर की भांति कोविड मौतों के आंकड़े छिपाने का काम रही है क्योंकि प्रतिदिन औसतन 25-30 मरीजों की मृत्यु हो रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के तानाशाही रवैये के कारण पूरे कोविड काल में व्यापारियों, छात्रों, मजदूरी, दैनिक भोगी आश्रितों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है क्योंकि महामारी से निपटने के उपाय करने की जगह उन्होंने सत्ता प्राप्ति के लिए चुनावी पर्यटन को अधिक महत्व दिया है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari