नई दिल्ली[नेमिष हेमंत]। दिल्ली में इस बार अपनी पहली चुनावी जनसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया कि वह लोकसभा चुनाव की लड़ाई में आम आदमी पार्टी (आप) को अहमियत देने के मूड में नहीं हैं। मुस्लिम बहुल इलाके ईदगाह रोड से दिल्ली के मतदाताओं को संबोधित करते हुए राहुल यह संदेश देते नजर आए कि दिल्ली में भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस से है।

राहुल अपने भाषण में मोदी सरकार के पांच साल के कामकाज पर मुखर रहे, लेकिन दिल्ली की केजरीवाल सरकार के कामकाज पर एक शब्द भी नहीं बोले। भाषण में जब उन्होंने आप की बात की तो सिर्फ गठबंधन को लेकर की और उसमें भी उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि यदि कांग्रेस और आप में गठबंधन नहीं हो सका तो उसके पीछे जिम्मेदार सिर्फ आप है।

दरअसल, राहुल गांधी और उनकी पार्टी यह भलीभांति समझती है कि दिल्ली में यदि उसे मुस्लिम वोट चाहिए तो उसे यह दिखाना होगा कि भाजपा को सिर्फ कांग्रेस ही हरा सकती है। कांग्रेस ही नहीं, आप को भी यह चिंता खाए जा रही है कि यदि मुस्लिम मतों का विभाजन हुआ, तो भाजपा को रोकना आसान नहीं होगा। यही वजह है कि मतदाताओं को यह बताने की होड़ मची हुई है कि वे ही भाजपा से सीधे मुकाबले में हैं।

दिल्ली में मुस्लिम कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक रहे हैं, लेकिन आप के अस्तित्व में आने के बाद यह वोटबैंक अचानक तेजी से उसकी ओर खिसक गया।

आक्रोशित राहुल बोले- मोदी की धज्जियां उड़ा देंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री व पिता राजीव गांधी का नाम लेने से आवेग में आए राहुल गांधी ने धज्जियां उड़ा देने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि 23 मई के परिणाम में न सिर्फ आपको हराएंगे, बल्कि आपकी (नरेंद्र मोदी) धज्जियां उड़ा देंगे। वह एक शरीफ व्यक्ति का अपमान करते हैं। वह मेरे दादा, दादी, माता-पिता, नाना-नानी सभी को गाली दें। वह जीतनी नफरत करेंगे उतना ही मेरे दिल में उनके प्रति प्यार होगा। मैंने उनको संसद में गले लगाया था। 23 को मैं न सिर्फ हराऊंगा, बल्कि धज्जियां उड़ा दूंगा।

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Posted By: Mangal Yadav

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