नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। राजधानी दिल्ली में पानी की गुणवत्ता पर मचे सियासी घमासान के बीच केंद्र और दिल्ली सरकार की संयुक्त टीम पानी की गुणवत्ता की जांच करेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसके लिए दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश मोहनिया और सदस्य शलभ कुमार को नामित किया है, जबकि केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने भी इसके लिए दो सदस्यों की टीम गठित की है।

दिल्ली सरकार ने इस बाबत एक आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया गया है। इस पत्र के माध्यम से केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान को जानकारी भी दी गई है। 

जल बोर्ड करेगा पानी के गुणवत्ता की जांच

दिल्ली सरकार के निर्देश पर जल बोर्ड ने 32 टीमें गठित करने का फैसला किया है। यह टीमें पूरी दिल्ली से पानी के करीब 1400 सैंपल उठाएंगी, जिसकी गुणवत्ता जांच की जाएगी। दिल्ली सरकार इस टीम में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों को भी शामिल करेगी। इसके अलावा थर्ड पार्टी व स्वतंत्र एजेंसी के रूप में राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) को भी इसमें शामिल किया जाएगा। ताकि जांच में पूरी पारदर्शिता रहे।

बुधवार से जांच टीम गठित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और करीब सवा महीने में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। जिसके बाद पानी की गुणवत्ता की असलियत सामने आ जाएगी। यह जानकारी जल बोर्ड ने दी। जल बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश मोहनिया ने कहा कि 11 सैंपल के आधार पर पूरी दिल्ली की पानी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े नहीं किए जा सकते।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के तय मानक के अनुसार 10 हजार की आबादी पर पानी का एक सैंपल लिया जाना चाहिए। इसके मद्देनजर हर वार्ड से पांच सैंपल लिए जाएंगे। जल बोर्ड के तकनीकी सलाहकार अंकित श्रीवास्तव ने कहा कि विभिन्न कॉलोनियों में सुबह व शाम को पानी आपूर्ति का समय तय है। जिन कॉलोनियों में जिस वक्त पानी आता है, उसी दौरान जांच टीम के सदस्य कॉलोनियों में पहुंचकर पानी का सैंपल उठाएंगे। जल बोर्ड के मुख्य वाटर एनालिस्ट संजय शर्मा और गुणवत्ता नियंत्रण विभाग के निदेशक आशुतोष कौशिक ने कहा कि जल बोर्ड के आठ जोन हैं। हर जोन के लिए चार-चार टीमें गठित होंगी। इस तरह कुल 32 टीमें गठित की जाएंगी। प्रत्येक टीम में चार सदस्य होंगे और प्रत्येक टीम में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि शामिल करने के लिए कहा जाएगा। इसलिए केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्रलय को 32 सदस्य उपलब्ध कराने होंगे। हालांकि केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्रलय दो सदस्यों को जांच टीम में शामिल करने की बात कह चुका है।

जल बोर्ड का कहना है कि एक सप्ताह में टीमों के गठन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद पानी का सैंपल उठाने का काम शुरू होगा। पानी की जांच पूरी तरह वैज्ञानिक आधार पर होगी। हर वार्ड में जाकर जांच टीम पानी के सैंपल उठाएगी। सैंपल उठाने का काम 10 दिन में पूरा होगा। इसके बाद जांच रिपोर्ट को जल बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन डाला जाएगा।

जल बोर्ड 40 मानकों पर भी जांच को तैयार

जल बोर्ड का कहना है कि पानी की गुणवत्ता जांच में बीआइएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) के मानकों का पालन किया जाता है। इसलिए सैंपल उठाने के बाद 29 मानकों की जांच की जाएगी। हालांकि बीआइएस पानी में अधिकतम 40 मानकों की जांच करता है। जल बोर्ड का कहना है कि केंद्र सरकार व बीआइएस यदि कहेंगे तो वह 40 मानकों पर भी पानी की गुणवत्ता जांच कराने को तैयार है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्रलय ने 20 राज्यों की राजधानी में पानी की गुणवत्ता जांच कर उसकी रैंकिंग जारी की थी, जिसमें दिल्ली के पानी को सबसे ज्यादा दूषित पाया गया था। दिल्ली से 11 सैंपल लिए गए थे। सभी सैंपल को 19 मानकों पर फेल बताया गया था।

Delhi Trade Fair 2019: मेले में लुभा रहे हैं घरेलू जरुरत के कई सामान, दर्शकों को भा रहा कठपुतली का गीत

 दिल्ली-एनसीआर की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक

Posted By: Mangal Yadav

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस