नई दिल्ली/गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। इंदिरापुरम में बच्चों की हत्या कर दो पत्नियों के साथ आत्महत्या करने वाले कारोबारी गुलशन वासुदेवा के साढू राकेश वर्मा को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधीर सिंह दोपहर में प्रेस वार्ता कर मामले का राजफाश करेंगे। दीवार पर लिखे सुसाइड नोट में राकेश वर्मा को सभी के मौतों का जिम्मेदार ठहराया गया था।

पौने दो करोड़ लेकर साढ़ू ने दे दिया था धोखा

गुलशन वासुदेवा दिल्ली के गांधीनगर में ओएनएस डेनिम के नाम से जींस का कारोबार करते थे। पुलिस की जांच में आया है कि गुलशन का साढ़ू राकेश वर्मा प्रॉपर्टी का काम करता है। उसने गुलशन को अधिक पैसे कमाने का भरोसा देकर वर्ष 2015 में करीब पौने दो करोड़ रुपये लिए थे। उसने गुलशन को एक प्रॉपर्टी देने का भी वादा किया। जांच में आया है कि वह प्रॉपर्टी राकेश ने किसी अन्य को बेच दी थी। राकेश ने गुलशन को नौ चेक दिए थे, वह सभी बाउंस हो गए थे। गुलशन के सीए प्रवीण बख्शी ने राकेश व उसकी मां के खिलाफ साहिबाबाद थाना में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 19 जनवरी, 2016 को राकेश व उसकी मां फूल देवी गिरफ्तार हुई थी। दोनों जमानत पर जेल से छूट गए थे।

सीए प्रवीण बख्शी ने बताया कि जेल से छूटने के बाद कई तारीख पड़ी, लेकिन राकेश हाजिर नहीं हुआ। वह कई तारीखों पर गए। बाद में उन्होंने भी जाना बंद कर दिया। गुलशन को विश्वास हो गया था कि अब उन्हें रुपये नहीं मिलेंगे।

60 लाख रुपये डूबने का डर

पुलिस की जांच में आया है कि गुलशन ने कोलकाता के सिटी लाइफ फर्म को 65 लाख रुपये का माल भेजा था। सिटी लाइफ की ओर से उन्हें पांच लाख रुपये का भुगतान मिला था। 60 लाख रुपये के भुगतान के लिए सोमवार रात 11 बजे गुलशन को कोलकाता जाना था। जांच में आया है कि सोमवार रात में 11 बजे से पहले गुलशन को एक वीडियो मिला। उसमें दिखा कि सिटी लाइफ फर्म ने करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। इससे गुलशन को लगा कि उसके भी 60 लाख रुपये डूब गए। इससे भी परेशान होने की आशंका है।

राकेश पर पहले से ही दर्ज है धोखाधड़ी का एक अन्य मामला

पुलिस की जांच में पता चला है कि राकेश पर पहले से ही धोखाधड़ी का एक अन्य मुकदमा दर्ज है। यह मुकदमा वर्ष-2015 में शालीमार गार्डन निवासी प्रदीप वर्मा ने दर्ज कराया था। इस मामले में राकेश वर्मा, हरभजन सिंह, फूल वर्मा व नील वर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।

फ्लैट बेचकर चुकाया था कर्ज

गुलशन ने साढ़ू राकेश को अन्य लोगों से भी रुपये दिलाए थे। राकेश द्वारा धोखा खाने के बाद गुलशन ने ङिालमिल स्थित अपने फ्लैट को बेच दिया था। उससे मिली रकम को उन लोगों को वापस किए थे। फ्लैट बिक जाने के बाद राकेश करीब चार वर्षो से इंदिरापुरम के एटीएस एडवांटेज सोसायटी में किराये केफ्लैट में रहते थे। उनके पिता नारायण दास वासुदेवा भी उनके साथ रहते थे। दिवाली पर नारायण दास को गुलशन ने ङिालमिल में रहने वाले अपने भाइयों विपिन व देवेंद्र के यहां भेज दिया था। उसके बाद करीब डेढ़ माह से कृष्णा अपरा सफायर में किराये पर फ्लैट लेकर रहने लगे थे।

 

Posted By: JP Yadav

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