नई दिल्ली, गौतम मिश्रा। तीन वर्ष की बच्ची के अपहरण के मामले में निहाल विहार थाना पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इससे पहले कि आरोपित बच्ची के स्वजन से फिरौती की मांग करते, इन्हें पता लगा कि पुलिस दबिश देने की तैयारी कर रही है। इससे घबराकर अपहर्ताओं ने बच्ची को छोड़ दिया और फरार हो गए।

ऑपरेशन के लिए लिया था उधार

पुलिस ने बच्ची को बरामद करने के बाद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों की पहचान प्रवीण 26 व रोहित 22 के रूप में हुई है। दोनों निहाल विहार इलाके के ही रहने वाले हैं। आरोपित रोहित का कुछ समय पहले ही ऑपरेशन हुआ था और उसने एक बड़ी रकम उधार ली थी, रकम लौटाने के लिए उसने अपने बड़े भाई प्रवीण के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई।

तीन साल की बेटी हुई गुमशुदा 

बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ कॉन ने बताया कि निहाल विहार थाने में चार सितंबर को एक व्यक्ति ने अपनी तीन वर्ष की बेटी के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मामले में पश्चिम विहार के एसीपी विनय माथुर की

देखरेख व थाना प्रभारी महावीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने टीम का गठन किया।

40 पुलिसकर्मियों की बनी टीम

टीम को पता चला कि बच्ची शाम के समय कुछ बच्चों के साथ खेल रही थी। टीम ने जब बच्चों से कुछ पता करने की कोशिश की तो एक बच्चे ने मोटरसाइकिल तो एक ने ऑटो पर बच्ची के जाने की बात कही। इससे पुलिस को इस बात का यकीन हो गया कि बच्ची का अपहरण किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए

टीम में 40 पुलिसकर्मी को शामिल किया गया। इन्हें पांच अलग अलग हिस्सों में बांटा गया।

सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग

पुलिस ने इलाके में लगे तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए और घर घर जाकर बच्ची के बारे में पता करना शुरू किया। इस बीच पुलिस को एक जगह सीसीटीवी फुटेज में एक स्कूटी पर दो युवकों के बीच एक लाल रंग के कपड़े में बच्ची नजर आई। इससे पुलिस को पता चल गया कि बच्ची को इसी स्कूटी पर ले जाया गया है। इसके बाद पुलिस ने उस रास्ते पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले।

आरोपित गिरफ्तार

पुलिस को एक जगह फुटेज में स्कूटी का नंबर मिल गया। इसके बाद पुलिस इस नंबर के आधार पर मालिक के पास पहुंची तो पता चला कि यहां रहने वाले लोग घर छोड़कर जा चुके हैं। इस बीच पुलिस को पता चला कि एक बच्ची पश्चिम विहार वेस्ट इलाके में मिली है। मेडिकल कराने के बाद बच्ची को स्वजन के हवाले कर दिया गया। बच्ची के बरामद होने के बाद भी पुलिस ने मामले की तहकीकात जारी रखी। अंत में पुलिस ने सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस को पता लगते ही बच्‍चे को छोड़ा

अहपरण के बाद इन्होंने बच्ची को अपने घर लाया और बच्ची के कपड़े बदल दिए गए ताकि उसे पहचानना मुश्किल हो और एक सुनसान ठिकाने की तलाश करने लगे जहां बच्चे को छुपाने के बाद वह फिरौती की रकम के लिए फोन कर सकें। इस दौरान वह बच्ची के परिवार पर भी नजर रख रहे थे और जैसे ही उन्हें पता लगा कि इस मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है और खोजबीन शुरू हो गई तो वह बच्ची को छोड़कर फरार हो गए।

Coronavirus: निश्चिंत रहें पूरी तरह सुरक्षित है आपका अखबार, पढ़ें- विशेषज्ञों की राय व देखें- वीडियो

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस