नई दिल्ली, जागरण संवादाता। छावला थाना क्षेत्र स्थित एक बैंक के एटीएम में हुई चोरी के मामले को सुलझाते हुए द्वारका जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस मामले के मुख्य आरोपित ने चोरी करने से पहले कई एटीएम में गार्ड की नौकरी की। एटीएम के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद में उसने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त शंकर चौधरी ने बताया कि मुख्य आरोपित का नाम विक्रम है, जबकि दो अन्य आरोपित मनीष राणा और कुलदीप हैं। पुलिस के अनुसार 11 दिसंबर को छावला के कुतुब विहार स्थित केनरा बैंक के एटीएम से 12 लाख की चोरी की शिकायत मिली। गार्ड प्रेम कुमार के बयान पर पुलिस चोरी का मामला दर्ज कर लिया। मामले की जांच के दौरान स्पेशल स्टाफ के प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एटीएम मशीन और आस पास लगे सीसीटीवी कैमरे के करीब सौ घंटे की फुटेज की जांच की।

तकनीकी जांच के जरिये पुलिस ने 14 दिसंबर को विक्रम को बिजवासन से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसके पास से एटीएम से चुराए कुछ पैसे बरामद हुए। उसने बताया कि चोरी करने में उसकी मनीष राणा ने अपनी कार देकर मदद की। पुलिस मनीष को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से पुलिस ने पैसे और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद कर ली।

इस दौरान विक्रम ने बताया कि वह कई बैंक में नौकरी की तलाश में गया था, लेकिन सभी ने उसे नौकरी देने से मना कर दिया। गुस्से में आकर उसने एटीएम में चोरी करने की साजिश रची। उसने कई एटीएम में बतौर गार्ड का काम कर उसकी कार्यप्रणाली से अवगत हो गया। उसने कुलदीप को वारदात में शामिल कर लिया। कुलदीप ने उसे एटीएम तोड़ने का औजार मुहैया करवाया।

उसके बाद साथियों के साथ 10 दिसंबर की रात सुनसान जगह पर स्थित एटीएम को निशाना बनाया। 22 दिसंबर को पुलिस ने गोयला डेयरी के पास से वारदात में शामिल कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से पुलिस ने 2.10 लाख लाख रुपये, एक पिस्टल, दो कारतूस बरामद किए। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों से 3.56 लाख रुपये बरामद किए हैं।

Edited By: Pradeep Chauhan