नई दिल्ली, जेएनएन। वेदों के बारे में भ्रांतियों को दूर करने और इन्हें जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिड़ला मंदिर में ऐतिहासिक चतुर्वेद महायज्ञ का शुभारंभ हो गया है। इस छह दिवसीय आयोजन में चारों वेद के मंत्रों के सस्वर जाप के साथ हवन सामग्री की आहुति दी जाएगी।

बड़ी-बड़ी हस्‍तियां होंगी शामिल 

इस ऐतिहासिक यज्ञ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत शुक्रवार को आएंगे। वहीं, सर कार्यवाह भैया जी जोशी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को आएंगे। इस कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्रियों के अलावा देश के जाने-माने उद्योगपति व समाजसेवी भी शामिल होंगे। इसका आयोजन विश्व हिंदू परिषद (विहिप), झंडेवालान मंदिर व अशोक सिंघल फाउंडेशन द्वारा कराया जा रहा है। यह 14 अक्टूबर तक आयोजित रहेगा। इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।

वैदिक काल आधारित यज्ञ स्‍थल का हो रहा निर्माण

महायज्ञ के लिए मंदिर परिसर में वैदिक काल आधारित यज्ञ स्थल का निर्माण किया गया है। मुख्य यज्ञ स्थल में वास्तु शास्त्र के आधार पर पांच कुंडलियों का निर्माण किया गया है। बुधवार शाम को इसका शुभारंभ शोभा यात्रा से हुई। रथ पर चारों वेद को रखते हुए रामकृष्ण आश्रम से बिड़ला मंदिर तक तकरीबन डेढ़ किमी की यात्रा निकाली गई। यात्रा में काफी संख्या में साधु-संतों के साथ ही महिलाओं ने भी हिस्सा लिया।

जगदगुरु रामानुजाचार्य चिन्न जीयर स्वामी कर रहे नेतृत्‍वमहायज्ञ की आधिकारिक शुरुआत बृहस्पतिवार को सुबह 9 बजे से हुई। इसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला यजमान बने। वेद मंत्रों के जाप के लिए दक्षिण भारत से 50 से अधिक वेदाचार्य आए हुए हैं। इनमें वेद के छात्र भी शामिल है। इनका नेतृत्व जगदगुरु रामानुजाचार्य चिन्न जीयर स्वामी कर रहे हैं। उन्होंने शोभा यात्रा के समापन अवसर पर दिल्लीवालों से इस महायज्ञ में बड़ी संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन वैदिक परंपरा से आम जन को परिचित कराने की है। साथ ही भ्रांतियां दूर करने की है। इस आयोजन में विज्ञान के आलोक में वेदों को परिभाषित किया जाएगा।

लोगों के जिज्ञासाओं को किया जाएगा शांत

लोगों को अपनी संस्कृति, वेद, पुराण, परंपराओं की जिज्ञासाओं को शांत किया जाएगा। शुभारंभ के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल व विहिप दिल्ली के कार्याध्यक्ष वागीश ईसर समेत देशभर से जुटे 500 से अधिक साधु-संत मौजूद रहे। खास बात कि पांच दिन में चारों वेद के 22,455 मंत्रों का जाप करते हुए आहुति दी जाएगी। वेदों के बारे में जानकारी बढ़ाने के लिए यज्ञ स्थल पर चारों वेदों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

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Posted By: Prateek Kumar

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