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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

GST Rate: चांदनी चौक से अब लहंगा खरीदना पड़ेगा महंगा, देना होगा ज्यादा जीएसटी; कपड़ा कारोबारियों की बढ़ी टेंशन

Published: Sun, 07 Sep 2025 01:12 PM (IST)

New GST Rate दिल्ली के कपड़ा व्यापारी जीएसटी दरों में वृद्धि से परेशान हैं। चांदनी चौक के व्यापारियों का मानना ...और पढ़ें

दिल्ली के बाजार में कपड़े खरीदती महिलाएं (Image Source: AI-Generated Image)
दिल्ली के बाजार में कपड़े खरीदती महिलाएं (Image Source: AI-Generated Image)

HighLights

  1. कपड़ों पर जीएसटी दर बढ़ने से व्यापारी चिंतित |
  2. डीएचएमए ने जीएसटी दर 5% करने की मांग की |
  3. चांदनी चौक के व्यापारियों को बिक्री घटने का डर |

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। New GST Rate : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अगली पीढ़ी के बड़े सुधार के फैसले की जहां हर ओर सराहना हो रही है। वहीं, दिल्ली के कपड़ा कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। चांदनी चौक के थोक कपड़ा कारोबारियों के अनुसार, 2,500 रुपये से ऊपर के कपड़ों पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

इससे न सिर्फ बिक्री प्रभावित होगी, बल्कि इसका बोझ निम्न मध्यमवर्गीय और मध्यमवर्गीय परिवार पर बढ़ेगा। चांदनी चौक में करीब 30 हजार थोक कपड़ा कारोबारी हैं, जिनका कारोबार देश-विदेश से है। खासकर शादियों के परिधानों को लेकर यह जाना जाता है।

कपड़ों पर जीएसटी पांच प्रतिशत करने की मांग

कपड़ा कारोबारियों की संस्था दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन (डीएचएमए) ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर सभी प्रकार के कपड़ों पर जीएसटी को पांच प्रतिशत पर लाने का आग्रह किया है।

पत्र में डीएचएमए के अध्यक्ष मुकेश सचदेवा व महामंत्री श्रीभगवान बंसल ने कहा है कि विवाह में लहंगा और साड़ी अनिवार्य तत्व है। ऐसे में उस पर टैक्स बढ़ाकर 18 प्रतिशत करना तर्कसंगत नहीं है। डीएचएमए ने पत्र में 2,500 रुपये की कीमत वाले कपड़ों पर जीएसटी दर को 18 फीसद से घटाकर 12 प्रतिशत करने की सराहना भी की है, लेकिन उसके ऊपर बढ़ोतरी पर निराशा जताई है।

श्रीभगवान बंसल ने कहा कि पोलिस्टर यान पर जीएसटी को 12 प्रतिशत को घटाकर पांच प्रतिशत किया है, लेकिन पोलिस्टर यान बनाने वाले रासायन पर जीएसटी दर को 18 प्रतिशत कर दिया गया है। उसे भी कम किया जाना चाहिए।