नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली में प्रदूषण को काबू करने के उद्देश्य से सभी तरह के निर्माण कार्य प्रतिबंधित होने के बाद भी सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अंदर निर्माण कार्य चल रहा है। इसकी शिकायत मिलने पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आज सेंट्रल विस्टा का औचक निरीक्षण किया और वहां पर काम होता पाया। जिसके बाद पर्यावरण मंत्री ने संबंधित एजेंसी सीपीडब्ल्यूडी को आदेश का उल्लंघन करते हुए निर्माण कार्य करने और निर्माण स्थल पर मानदंडों का उल्लंघन करने पर दो अलग-अलग नोटिस जारी करने का आदेश डी पी सी सी को दिया है साथ ही कल तक सीपीडब्ल्यूडी से जवाब मांगा है।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण के चलते निर्माण कार्यों पर रोक के बावजूद सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अंदर काम चलता पाया गया। इस पर नोटिस जारी कर सीपीडब्ल्यूडी से पूछा गया है कि किस आधार पर और किसके आदेशानुसार यहां काम चल रहा है। सीपीडब्ल्यूडी से जवाब मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


पर्यावरण मंत्री गोपाल राय को यह शिकायत मिली थी कि दिल्ली सरकार की तरफ से दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर सभी तरह के निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है, इसके बावजूद सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अंदर काम लगातार चल रहा है। निरीक्षण के दौरान शिकायत के अनुसार सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अंदर निर्माण कार्य होता पाया।

इस दौरान पर्यावरण मंत्री ने कहा कि हमारे पास लगातार फोन पर शिकायतें आ रही थीं कि दिल्ली में निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अंदर काम चल रहा है। इसलिए सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया कि सरकार की तरफ से निर्माण कार्यों पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद भी सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अंदर काम चल रहा है। सेंट्रल विस्टा में चल रहे काम के संबंध में सीपीडब्ल्यूडी को नोटिस जारी कर रहे हैं कि किस आधार पर और किसके आदेशानुसार यहां काम चल रहा है, यह स्पष्ट करें। इसके अलावा, यहां डस्ट मैनेजमेंट नॉर्म्स का भी पालन नहीं किया जा रहा है। इस से सम्बंधित गाइड लाइन डीपीसीसी द्वारा पहले ही जारी किया जा चूका है।

मानदंडों का उल्लंघन करने पर सीपीडब्ल्यूडी को एक अलग से नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। इस तरह सीपीडब्ल्यूडी को दो अलग-अलग नोटिस जारी किया जा रहा है। साथ ही, निर्देश दिया गया है कि धूल प्रदूषण को रोकने के लिए पानी का छिड़काव किया जाए, जिससे कि धूल को उड़ने से रोका जा सके। उन्होंने बताया कि सीपीडब्ल्यूडी को कल तक नोटिस का जवाब देना होगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर जिम्मेदार एजेंसी के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने नवंबर महीने में अधिक प्रदूषण होने की वजह के बारे कहा कि नवंबर महीने में प्रदूषण बढ़ने का दो प्रमुख कारण रहा है। पहला, दिवाली और दूसरा पराली। नवंबर महीने में दिवाली का पर्व भी था और पराली जलाने की घटनाएं भी हुई। इसके अलावा, तीसरा कारण हवा की गति भी है। हवा की गति थोड़ी कम होने की वजह से पूरा प्रदूषण जो हवा में उपर जाता था, वह नीचे आ रहा है। हमें उम्मीद है कि आगे मौसम में बदलाव से प्रदूषण में सुधार होगा।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को देखते हुए निर्माण कार्यों पर आगामी आदेश तक रोक लगा दिया है। इसके साथ ही, दिल्ली में मालवाहक ट्रकों के प्रवेश पर 7 दिसंबर रोक है। आवश्यक वस्तु वाले और सीएनजी-इलेक्ट्रिक ट्रक दिल्ली आ सकते हैं। वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान का तीसरा चरण 18 दिसंबर तक चलाया जाएगा। प्रदूषण पैदा करने वाली गाड़ियों की जांच का अभियान जारी रहेगा।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari