नई दिल्ली [जेएनएन]। दिल्ली सरकार के सारे मंत्री भले ही उपराज्यपाल के घर धरने पर बैठे हों, लेकिन केंद्र सरकार और उपराज्यपाल इस मामले में दखल देने के मूड में नहीं है। गृह सचिव राजीव गाबा के साथ उपराज्यपाल अनिल बैजल की मुलाकात में यही तय हुआ है। गृहमंत्रालय का मानना है कि नौकरशाही से झगड़ा दूर करने के लिए केजरीवाल को खुद पहल करनी चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार को कहना सही नहीं है।

संकट राजनीतिक है, न कि संवैधानिक

गृहमंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार गृह सचिव के साथ मुलाकात के दौरान बैजल ने माना कि दिल्ली सरकार का संकट राजनीतिक है, न कि संवैधानिक। इसी कारण उपराज्यपाल और गृहमंत्रालय को इसमें हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। संकट यदि संवैधानिक होता तो निश्चित रुप से केंद्र सरकार इसका हल निकालने की कोशिश करती। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केजरीवाल सरकार के धरने से प्रशासनिक कामकाज में रूकावट का कोई लेना देना नहीं है।

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केजरीवाल को करनी चाहिए पहल 

सूत्रों के मुताबिक गृहमंत्रालय की ओर से उपराज्यपाल को पूरे विवाद से दूर रहने को कहा है। मंत्रालय का मानना है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को खुद नाराज नौकरशाहों को मनाने की पहल करनी चाहिए। यदि केजरीवाल कोई पहल करते हैं, तो गृहमंत्रालय इसमें जरूर मदद करेगा। लेकिन नौकरशाहों के साथ मारपीट करने और धमकी देने के बाद कार्रवाई के डर से धरने पर बैठना उचित नहीं है।

केजरीवाल अंशु प्रकाश दैनिक जागरण के लिए इमेज परिणाम

नौकरशाह अपने ड्यूटी कर रहे हैं

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के नौकरशाहों के काम नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं। लेकिन मंत्रालय के पास किसी नौकरशाह के काम नहीं करने की कोई रिपोर्ट नहीं है। उनके अनुसार सारे नौकरशाह अपने ड्यूटी कर रहे हैं और तय कार्यक्रमों में नियमित हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में किसी नौकरशाह के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई कैसे की जा सकती है।

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Posted By: Amit Mishra