नई दिल्ली [रीतिका मिश्रा]। CBSE Board Exam Evaluation: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के लिए बिना परीक्षा लिए 12वीं का परिणाम जारी करना एक बड़ी चुनौती है। बोर्ड ने इसके लिए एक कमेटी भी बनाई है। जो 17 जून को सुप्रीम कोर्ट को मूल्यांकन के लिए अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक 12वीं का परिणाम जारी करने से पहले 15 फीसद अंकों के लिए एक और आंतरिक मूल्यांकन हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक कमेटी 15 फीसद अंकों के लिए एक और आंतरिक मूल्यांकन कराने के पक्ष में हैं। ताकि जो छात्र किसी कारणवश 12वीं की प्री-बोर्ड या मध्यावधि परीक्षाओं में बेहतर नहीं कर पाए हैं पर वो बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर रहे थे। उनको इस 15 फीसद के आंतरिक मूल्यांकन में उनकी क्षमता के अनुसार अंक मिल सके। ताकि सभी छात्रों का एक पारदर्शी और संतुलित परिणाम जारी हो और वो अपने परिणाम से संतुष्ट भी हो सकें। हालांकि, 15 फीसद का आंतरिक मूल्यांकन का आधार क्या होगा ये अभी स्पष्ट नहीं है।

मूल्यांकन के लिए 30-20-50 का फार्मूला अपना सकती है सीबीएसई

12वीं के परिणाम जारी करने के लिए सीबीएसई 30-20-50 का फार्मूला के आधार पर मूल्यांकन कर सकती है। इसमें 10वीं के 30 फीसद अंक, 11वीं के 20 फीसद अंक और 12वीं के 50 फीसद अंकों को शामिल किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक कमेटी 11वीं के 20 फीसद अंकों को ही जोड़ने के पक्ष मेें हैं क्योंकि 11वीं में छात्रों के लिए संकाय अलग-अलग हो जाते हैं, और वो समय उनके लिए विषयों को समझने में ही निकल जाता है। दूसरा कई बार छात्र 12वीं के मुकाबले 11वीं में ज्यादा गंभीरता से भी परीक्षा भी नहीं देते हैं। वहीं, 12वीं के 50 फीसद अंकों को इसलिए शामिल किया जा सकता है क्योंकि 12वीं की साल भर की पढ़ाई के आधार पर ही बोर्ड की परीक्षा होती है तो इसके अंक सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। इन 50 फीसद अंकों में 35 फीसद अंक प्री-बोर्ड, मध्यावधि परीक्षा, आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगिक परीक्षा के हो सकते हैं। वहीं, 15 फीसद अंकों पर एक और आंतरिक मूल्यांकन हो सकता है।

प्रायोगिक परीक्षा के अंक भी हैं महत्वपूर्ण

कोरोना महामारी के चलते कई स्कलों ने प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं कराई थी। ऐसे में स्कूलों के आनलाइन माध्यम से ही प्रायोगिक परीक्षा आयोजित करा कर सभी छात्रों के अंक 28 जून तक अपलोड करने को कहा गया है। प्रायोगिक परीक्षा में शिक्षक छात्रों से आनलाइन माध्यम से जुड़कर हर विषय की प्रोजेक्ट फाइल से सवाल पूछ रहे हैं। वहीं, परीक्षा में छात्रों को मिले अंकों को बोर्ड को भेजा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक 12वीं के परिणाम में प्रायोगिक परीक्षा के अंक बहुत महत्वपूर्ण होंगे।

सभी राज्यों का औसत देखकर एक संतुलित परिणाम होगा जारी

सूत्रों के मुताबिक सीबीएसई का परिणाम सभी मापदंडों पर खरा हो और देशभर के सभी छात्र इससे संतुष्ट हो इसके लिए कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में परिणाम जारी करने से पहले सभी राज्यों का औसत भी निकालकर देखने की बात कही है। ताकि जब परिणाम जारी हो तो वो संतुलित और स्पष्ट हो। परिणाम में कहीं से भी ऐसा न लगे कि किसी राज्य का औसत बहुत ज्यादा है तो किसी राज्य का बहुत कम, एक बहुत ही संतुलित परिणाम हो।

Edited By: Prateek Kumar