नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। किशनगढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार तड़के खाली सड़क पर रेस लगा रहे एक कैंटर और डंपर में भिड़ंत हो गई। दोनों वाहन डिवाइडर पार कर सड़क की दूसरी तरफ पहुंच गए। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। वहीं, कैंटर मे सवार क्लीनर डंपर के बोनट में फंस गया। इसकी सूचना पाकर मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने उसे बाहर निकाला। पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

दक्षिण-पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि दुर्घटना आइआइटी फ्लाइओवर के पास सुबह करीब चार बजे हुई। आइआइटी फ्लाइओर के पास एक कैंटर और डंपर दोनों नेहरू प्लेस की तरफ जा रहे थे। इस दौरान डंपर ने कैंटर को दाएं तरफ से टक्कर मार दी। इससे दोनों वाहन डिवाइडर तोड़ते हुए सड़क के दूसरी तरफ पहुंच गए। कैंटर में सवार क्लीनर जसबीर सीट और बोनट के बीच फंस गया था, जिसे दमकलकर्मियों ने बाहर निकाला। जसबीर को मामूली चोटें आई हैं जिसे प्राथमिक उपचार दिया गया। किशनगढ़ थाने में डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि आरोपित डंपर चालक मौके से फरार हो गया। वहीं, डंपर के नंबर के आधार पर उसके मालिक से संपर्क किया जा रहा है।

उधर शाहीन बाग में एयरटेल कर्मचारी से लूटपाट कर फरार हुए दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों से 300 रुपये नकद, एक मोबाइल, एक सोने की चेन, एक फाइबर कनेक्टिंग मशीन और चाकू बरामद हुआ है। जांच में पता चला कि लाकडाउन में नौकरी जाने के बाद दोनों आपराधिक वारदात करने लगे थे। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान शाहीन बाग निवासी जुबैर और अमान के रूप में हुई है।

दक्षिण-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजेन्द्र प्रसाद मीणा ने बताया कि 31 जुलाई की शाम करीब छह बजे पुलिस को लूट की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को शिकायतकर्ता राहुल कुमार प्रसाद मिला जिसने बताया कि वह एयरटेल कंपनी में काम करता है और कंपनी के काम से यमुना की ओर आया था। तभी ठोकर नंबर आठ के पास पीछे से एक लड़का आया और गर्दन पर चाकू रख यमुना किनारे ले गया, जहां पर उसका एक साथी पहले से मौजूद था। इसके बाद दोनों उससे मोबाइल, 300 रुपये नकद, सोने की चेन और फाइबर कनेक्टिंग मशीन लूट कर फरार हो गए।

पहली अगस्त को सूचना मिली कि ठोकर नंबर आठ के पास लूट की वारदात में शामिल बदमाश यमुना के पास घूम रहे हैं। तुरंत छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पता चला कि जुबैर पहले से आधा दर्जन आपराधिक मामलों में शामिल रहा हैं। वहीं, अमान का कोई पुराना रिकार्ड नहीं मिला है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari