नई दिल्ली [नेमिष हेमंत]। कंफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने खुदरा व्यापारी संगठनों की ओर से ई-कामर्स कंपनियों को सीधे संवाद की पेशकश की है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि कैट के साथ ही इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रानिक्स एसोसिएशन (आइसीईए), आल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स वितरक एसोसिएशन (एआइसीपीडीएफ), आल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (एआइएमआरए), आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (एआइजेजीएफ) व कंप्यूटर मीडिया डीलर्स एसोसिएशन (सीएमडीए) की ओर से सीधा संवाद कार्यक्रम 27 जनवरी को आयोजित किया गया है, जिसमें वाणिज्य मंत्रालय के डीपीआइआइटी विभाग द्वारा तैयार की जा रही ई-कामर्स नीति पर व्यापक चर्चा में सरकार को भेजी जाने वाली सिफारिशें तय होंगी।

खंडेलवाल ने इस तरह की बैठक की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि डिजिटल मोड के माध्यम से सभी प्रकार के सामानों का व्यापार या सभी प्रकार की सेवाएं ई-कामर्स के दायरे में लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैट ई-कामर्स व्यापार के विरोध में नहीं बल्कि वह इसमें देश के कानून और नीतियों का पूरी तरह से पालन किए जाने के पक्ष में है। उन्होंने बताया कि इसमें सभी ई-कामर्स कंपनियों, भोजन वितरक कंपनियों, यात्रा से संबंधित पोर्टल, मोबाइल वालेट, ओटीटी समेत अन्य प्रकार के व्यवसाय में शामिल ई-कंपनियों को शामिल किया गया है।

इसी तरह इसके लिए फेडरेशन आफ स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (फिसमे), रिटेलर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (आरएआइ), इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आइबीए) समेत अन्य संस्थाओं को भी आमंत्रित किया गया है। , लघु उद्योग भारती, नेशनल फार्मर्स फेडरेशन (एनएफए), इवेंट और मनोरंजन प्रबंधन एसोसिएशन, सिनेमा थियेटरों का संघ, भारतीय राष्ट्रीय रेस्तरां संघ (एनआरएआई), ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, होटल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन आदि को भी इसका आमंत्रण भेजा है।

Edited By: Prateek Kumar