नई दिल्‍ली, जागरण संवाददाता। नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग में करीब सवा माह से चल रहे धरने के कारण आसपास के कारोबारियों की कमर टूट गई है। सबसे ज्यादा नुकसान तो जसोला डिस्ट्रिक्ट सेंटर पर स्थित पेट्रोल व सीएनजी पंपों को हुआ है। धरने के कारण यह मार्ग बंद है। इस पर नोएडा-दिल्ली-फरीदाबाद के लिए आवाजाही बंद है। इस कारण इन पंपों पर ईंधन भरवाने के लिए गाड़ियां भी नहीं नहीं आ रही हैं। दैनिक जागरण ने यहां स्थित तीनों पेट्रोल पंप व दोनों सीएनजी फिलिंग स्टेशन के मैनेजरों से बात की तो उनका दर्द छलक उठा।

यहां स्थित एक पेट्रोल पंप के मैनेजर राकेश कुमार ने बताया कि धरने से पहले करीब 15 लाख रुपये का पेट्रोल व डीजल बिकता था लेकिन धरने के बाद से बमुश्किल एक लाख रुपये की बिक्री हो पाती है। वहीं, बगल में ही स्थित दूसरे पेट्रोल पंप के मैनेजर नरेश बाबू ने बताया कि उनके पंप पर धरने से पहले रोजाना पेट्रोल, डीजल व सीएनजी की करीब 20 लाख रुपये की बिक्री होती थी। लेकिन, अब मुश्किल से चार-पांच लाख रुपये की बिक्री हो रही है।  धरने के कारण अब नोएडा व फरीदाबाद जाने वाले लोग इस मार्ग पर नहीं आ रहे हैं।

इसलिए जब से यह धरना चल रहा है, तब से तो बस स्थानीय ग्राहकों का ही सहारा रह गया है। मैनेजरों का कहना है कि बिक्री नहीं हो रही है लेकिन पंप के सारे खर्चे बरकरार हैं। पंप मालिकों ने पुलिस व अन्य अधिकारियों से भी गुहार लगाई है कि इस रास्ते को जल्द से जल्द खोला जाए।

सीएए के विरोध में निकाला गया मार्च

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में सोमवार को यंग इंडिया नेशनल कॉर्डिनेशन कमेटी के बैनर तले मंडी हाउस से जंतर मंतर के बीच प्रदर्शन मार्च निकाला गया। इसमें वामपंथी छात्र संगठन आइसा से जुड़े छात्रों ने भी हिस्सा लिया। इसमें आइसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन साई बालाजी, आइसा की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कंवलप्रीत कौर, जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद मौजूद थे। छात्रों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कानून जबरन लोगों पर थोपा जा रहा है। देशभर इसका विरोध हो रहा है। लेकिन सरकार कोई सुध नहीं ले रही है।

Posted By: Prateek Kumar

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