यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Brijbhushan Case: 'महिला पहलवानों ने दिए दिखावटी और बदले हुए बयान', बृजभूषण के वकील ने दिल्ली की कोर्ट में दी दलील
महिला पहलवानों से यौन उत्पीड़न मामले में आरोपित बृजभूषण सिंह ने छह महिला पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोप ...और पढ़ें

HighLights
- अदालत ने मामले में आगे की सुनवाई 16 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध की
- बृजभूषण को फंसाने के लिए महिला पहलवानों ने दिए दिखावटी और बदले हुए बयान
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। महिला पहलवानों से यौन उत्पीड़न मामले में आरोपित भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने छह महिला पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोप यौन उत्पीड़न के आरोपों को खारिज किया।
सिंह की तरफ से पेश अधिवक्ता ने मामले में उनके मुवक्किल पर आरोप तय करने को लेकर हुई सुनवाई के दौरान राउज एवेन्यू कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ महिला पहलवानों की तरफ से लगाए गए आरोप झूठे और प्रेरित हैं।
16 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
एडिशनल चीफ मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल ने बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 16 अक्टूबर को मामले में आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
सुनवाई के दौरान सिंह के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मामले में उनके मुवक्किल के खिलाफ आरोप तय करने पर हुई सुनवाई के दौरान कहा कि हर शिकायत के पीछे एक कारण होता है। महिला पहलवानों का हर आरोप झूठा है। लगभग हर शिकायतकर्ता ने अपने बयान बदले हैं।
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आरोपित को फंसाने के लिए दिखावटी और बदले हुए बयान दिए गए हैं। अधिवक्ता ने दलील दी कि मामले की शिकायतकर्ताओं में से एक यौन उत्पीड़न समिति की सदस्य थी और उसने अप्रैल 2023 तक कभी भी 2012 की कथित घटना का खुलासा नहीं किया। शिकायतकर्ता ने यह आरोप इसलिए लगाए क्योंकि वह ओलिंपिक 2015 के लिए क्वालिफाई करने में असफल रही।
पिछली सुनवाई में दिल्ली पुलिस ने अदालत में अपनी दलीलें पेश की थी। दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश अधिवक्ता ने कहा था कि बृजभूषण को पता था वो क्या कर रहे थे। उन्हें जब भी मौका मिलता था वह महिला पहलवान की लज्जा भंग करने की कोशिश करते थे। अधिवक्ता ने कहा कि अदालत के समक्ष जो सुबूत और साक्ष्य पेश किए गए हैं वह बृजभूषण के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं।
