नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सोमवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने केंद्र सरकार से डाक्टर, स्वास्थ्यकर्मियों व सफाईकर्मियों सहित सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज देने की मांग की। आइएमए अध्यक्ष डा.जेए जयालाल ने कहा कि कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रोन डेल्टा वैरिएंट से दस गुना ज्यादा संक्रामक है। साथ ही देश में इसके 20 से ज्यादा मामले आ चुके हैं।

ऐसे में संक्रमण बढ़ने की आशंका है। चूंकी डाक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों पर संक्रमित मरीजों के इलाज का दबाव बढ़ेगा इसलिए उन्हें बूस्टर डोज देकर सुरक्षित करने की जरूरत है।

12 से 18 आयुवर्ग का टीकाकरण जल्द शुरू करे सरकार

आइएमए ने यह भी मांग की है कि सरकार 12 से 18 आयुवर्ग का टीकाकरण भी जल्द शुरू करने पर विचार करे। वहीं, अधिकतर आबादी को जल्द से जल्द टीके की दोनों डोज दी जानी चाहिए। बाद में बूस्टर डोज पर भी बात हो सकती है। बूस्टर डोज के लिए उन लोगों को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए जिन्हें स्वास्थ्यकर्मियों की तरह जल्दी टीका लगाया गया है। इसमें 60 साल से ऊपर के ऐसे लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए जिन्हें कोमार्बिडिटीज हो सकती हैं। आपको बता दें कि कोमार्बिडिटीज से मतलब है कि एक ऐसा व्यक्ति जो एक ही समय पर एक से अधिक गंभीर बीमारी का शिकार हो।

विदेश से आने वाले छह और यात्री लोकनायक अस्पताल में भर्ती

वहीं, राजधानी में सोमवार को भी विदेश से आने वाले छह यात्रियों को लोकनायक अस्पताल में भर्ती किया गया। इससे अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या 27 हो गई। इनमें से 17 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। जबकि दस लोगों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट आना बाकी है। वहीं, 17 संक्रमितों में से 12 की जीनोम सीक्वें¨सग हो चुकी है, इनमें सिर्फ एक ओमिक्रोन संक्रमित मिला है। बाकी पांच अन्य कोरोना संक्रमितों की जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट दो दिन बाद आएगी। स्पेशल वार्ड में भर्ती ओमिक्रोन संक्रमित मरीज को अन्य संक्रमितों से अलग कमरे में रखा गया है।

Edited By: Mangal Yadav