नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय सटोरिये संजीव चावला से मैच फिक्सिंग मामले में शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसके दुबई और सट्टेबाजी के अंडरव‌र्ल्ड कनेक्शन के बारे में पूछताछ की। उससे उन दो नंबरों के बारे में भी बातचीत की गई, जो मैच फिक्सिंग के समय अंडरव‌र्ल्ड से जुड़े थे। हालांकि चावला ने एक भी सवाल का जवाब ठीक से नहीं दिया। यही कहा कि वह कुछ नहीं जानता।

 मैच फिक्सिंग मामले में क्राइम ब्रांच ने की पूछताछ

दरअसल क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को 19 वर्षों की मशक्कत के बाद लंदन से दिल्ली लाए गए संजीव चावला से पूछताछ शुरू की है। हालांकि पुलिस को फिलहाल ऐसा कोई साक्ष्य या जानकारी नहीं मिली है, जिसके आधार पर पुलिस अपनी जांच को कोई नई दिशा दे सके। जिन नंबरों के बारे में क्राइम ब्रांच ने उससे पूछताछ की, वे नंबर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से संचालित अंडरव‌र्ल्ड अपराधियों से जुड़े हुए हैं।

अंडरव‌र्ल्ड के साथ चावला के संबंधों पर गोपनीय रिपोर्ट

अंडरव‌र्ल्ड के साथ चावला के संबंधों पर क्राइम ब्रांच की गोपनीय रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि इन नंबरों में से एक का इस्तेमाल माफिया डॉन छोटा शकील के कथित सहयोगी शाहीन हैथली द्वारा किया जा रहा था। जांच के दौरान दिल्ली पुलिस के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के तत्कालीन इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह को शाहीन को लेकर एक इनपुट मिला था, जो जबरन वसूली के एक मामले में शामिल था।

शाहीन और संजीव चावला के संबंधों के बारे में ली जाएगी जानकारी

मामले के पर्दाफाश के समय ही सामने आया था कि शाहीन एक भारतीय मोबाइल फोन के जरिए चावला के साथ संपर्क में था। हालांकि मैच फिक्सिंग रैकेट का खुलासा करने वाले ईश्वर सिंह के मुताबिक वर्षों तक न तो शाहीन और न ही चावला का पता लगाया जा सका। ऐसे में क्राइम ब्रांच उससे इस बारे में जानकारी हासिल करना चाहती है। क्योंकि क्राइम ब्रांच की जांच में यह बात तो साफ है कि यूएई का एक मोबाइल फोन नंबर शारजहां से इफ्तिखार अहमद नामक एक शख्स का था। हालांकि उस वक्त इफ्तिखार की भी पहचान नहीं की जा सकी। लिहाजा क्राइम ब्रांच संजीव से उसके बारे में जानकारी हासिल करना चाहती है।

शाहीन और इफ्तिखार की असली पहचान और लिंक का पता लगाना जरूरी

संजीव चावला से पूछताछ के जरिये क्राइम ब्रांच के लिए शाहीन और इफ्तिखार की असली पहचान और लिंक का पता लगाना बेहद जरूरी है। दरअसल यह माना जा रहा है कि इसके आधार पर अंडरव‌र्ल्ड कनेक्शन के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। उस वक्त यह बात सामने आ रही थी कि चावला कथित रूप से दुबई से संचालित एक सट्टेबाजी नेटवर्क के लिए काम कर रहा था। एजेंसियों की मानें तो मैच फिक्सिंग मामले में डी-कंपनी लिंक के बगैर कोई भी अपना नेटवर्क नही बढ़ा सकता है। क्योंकि दाऊद के सट्टेबाजी नेटवर्क के समर्थन के बिना इतने बड़े पैमाने पर मैच फिक्सिंग संभव नहीं थी। इसका पर्दाफाश आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में भी देखा जा सकता है, जिसमें दाऊद इब्राहिम के गिरोह के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था।

भारतीय संगीत कंपनी बैरन की ओर से काम कर रहा था संजीव चावला

अंडरव‌र्ल्ड नेटवर्क पर काफी ज्यादा काम करने वाले पूर्व कमिश्नर नीरज कुमार के अनुसार संजीव चावला पर तैयार डोजियर संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाज एक भारतीय संगीत कंपनी बैरन की ओर से काम कर रहा था, जो शाहीन के संपर्क में था। पुलिस डोजियर से पता चलता है कि मैच फिक्सिंग मामले के दौरान तत्कालीन दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोनिए के साथ डी-कंपनी द्वारा चलाए जा रहे सट्टेबाजी नेटवर्क का नेतृत्व शरद शेट्टी कर रहा था।

शरद शेट्टी वर्ष 2000 की शुरुआत में भारत, पाकिस्तान, ब्रिटेन और यूएई में कार्यरत सभी शीर्ष सट्टेबाजी नेटवर्क की बागडोर को नियंत्रित कर रहा था। हालांकि दिल्ली में मैच फिक्सिंग घोटाले का खुलासा होने के तीन साल बाद डी-कंपनी के ऑपरेटर शरद शेट्टी की 2003 में दुबई में हत्या कर दी गई थी। यह हत्या कथित तौर पर छोटा राजन के सहयोगियों द्वारा की गई थी।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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