नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Delhi Honey Trap Case: युवती के फर्जी प्रोफाइल से लोगों को चैटिंग के लिए फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज उन्हें अश्लील हरकतों के लिए उकसा कर आनलाइन वीडियो तैयार करने और उक्त वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर देने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर वसूली करने वाले अंतरराज्यीय मेवाती गिरोह के दो सदस्यों को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपित दिल्ली के अधिवक्ता को हनी ट्रैप में फंसा उन्हें ब्लैकमेल कर 20 लाख रुपये देने की मांग कर रहे थे।

पैसे नहीं देने पर उनकी अश्लील वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर देने की धमकी दे रहे थे। दिल्ली पुलिस की तरफ से दोनों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम था। नौ महीने से आरोपित फरार थे। डीसीपी जसमीत सिंह के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम अरशद खान और मुश्ताक खान है। दोनों दौसा, राजस्थान के रहने वाले हैं।

एसीपी अतर सिंह व इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह की टीम ने पहले फ्लावर मार्केट छतरपुर से अरशद को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ के बाद मुश्ताक खान को दौसा से दबोच लिया गया। दोनों के खिलाफ बाराखंभा रोड थाने में मामला दर्ज है। मई में निचली अदालत ने दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया था। अरशद खान के पास से पिस्टल व तीन कारतूस बरामद किए गए।

यह गिरोह लोगों को चैटिंग के लिए फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर उन्हें लुभाता था, बाद में उनके अश्लील आनलाइन वीडियो तैयार कर पैसे की मांग करता था। पैसे देने से इंकार करने पर गिरोह पीड़ितों को इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे मेवात स्थित सहयोगियों से जुड़े एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट के सदस्य हैं।

सद्दाम हुसैन गिराेह का सरगना है। गिरोह दिल्ली में एक वकील का अश्लील आनलाइन वीडियो बनाकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया था और ब्लैकमेल कर 20 लाख रुपये मांग रहा था। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे दिल्ली एनसीआर के लोगों को फेसबुक और अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर उन्हें लुभाते थे और महिला बनकर उनके साथ चैट करते थे।

इस दौरान वे लोगों को उकसाकर अश्लील हरकतें करने का लालच देकर उनका आनलाइन अश्लील वीडियो बना लेते थे। उसके बाद पीड़ितों को उक्त वीडियो वायरल करने, उनके परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और दोस्तों को भेजने की धमकी देकर पैसे देने की मांग करते थे। पैसे देने के लिए तैयार हो जाने पर वे पीड़ितों अपने द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में रकम हस्तांतरित करा लेते थे।

अरशद ने बताया कि उसकी भूमिका गरीब व्यक्तियों की आईडी का दुरुपयोग करके या नकली आईडी का उपयोग करके गिरोह के सदस्यों के लिए सिमकार्ड की व्यवस्था करने की थी। वह अन्य व्यक्तियों के बैंक खाते भी उपलब्ध कराता था ताकि वे पीड़ितों से पैसे ट्रांसफर करवा सकें और अपराध से प्राप्त धन को गिरोह के सदस्यों के बीच वितरित कर सकें। मुश्ताक अपने सहयोगियों के साथ पीड़ितों के अश्लील वीडियो बनाकर चैट करता था और महिलाओं को पोज देकर उन्हें फुसलाता था।

Edited By: Pradeep Kumar Chauhan