नई दिल्ली [राज्य ब्यूरो]। मोती नगर में सीवर की सफाई के दौरान पांच सफाई कर्मचारियों की मौत के विरोध में भाजपा ने मुख्यमंत्री निवास के नजदीक प्रदर्शन किया। भाजपा ने कर्मचारियों की मौत के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुुए कहा कि केजरीवाल सरकार इस मामले को दबाना चाहती है। सोमवार को जब दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने प्रेसवार्ता करके इस मामले को उठाया तो सरकार हरकत में आई है।

मृतकों के परिजनों को मिले एक करोड़ का मुआवजा
भाजपा की तरफ से कहा गया कि दिल्ली सरकार की नीति के अनुसार, मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। दिल्ली प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा व पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ता प्रदेश महामंत्री कुलजीत सिंह चहल के नेतृत्व में चंदगीराम अखाड़े से रोष मार्च शुरू किया गया। मार्च में शामिल लोग मुख्यमंत्री आवास तक जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक दिया।

तरह मर चुकी हैं मानवीय संवेदनाएं 
चहल ने कहा कि 'आप' सरकार की मानवीय संवेदनाएं पूरी तरह मर चुकी हैं। वह इस तरह के प्रत्येक मामले में नैतिक जिम्मेदारी से बचती है। वह कांग्रेस के दबाव में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल गिहारा ने कहा कि केजरीवाल सरकार अनुसूचित समाज को केवल गुमराह कर वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करना चाहती है। इस समाज की जरूरतों के प्रति सरकार संवेदनहीन है।

असुरक्षित तरीके से होती है सीवर की सफाई 
कुछ माह पूर्व भी दिल्ली में सीवर सफाई में मजदूरों की मौत हुई थी। उस समय हाथ से सीवर साफ करने पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद आज भी लोग असुरक्षित तरीके से सीवर की सफाई करने पर मजबूर हैं। दिल्ली सरकार ने इनकी सुरक्षा के लिए कुछ भी नहीं किया।

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कई नेता हुए शामिल 
प्रदर्शन में पूर्वी दिल्ली नगर निगम में सदन के नेता निर्मल जैन, उपमहापौर किरण वैद्य, शाहदरा भाजपा जिला अध्यक्ष राम किशोर शर्मा एवं मयूर विहार जिला अध्यक्ष धीरज जोशी, भाजपा महिला मोर्चा की महामंत्री लता गुप्ता, अनुसूचित जाति मोर्चा के महामंत्री लाजपत राय, राहुल गौतम व कंचन महेश्वरी, नीमा भगत सहित अन्य निगम पार्षद व भाजपा नेता मौजूद थे।