नई दिल्‍ली, ऑनलाइन डेस्‍क। भाजपा नेता और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने कोरोना संकट के समय दिल्‍ली सरकार पर जबरदस्‍त आरोप लगाया है। उन्‍होंने दिल्‍ली की सरकार द्वारा पीपीइ किट की कमी बताए जाने पर ही सवाल उठाते हुए घेरा है। गंभीर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुबह से शाम तक टीवी के प्रचार पर करोड़ों खर्च कर रहें अगर पीपीइ किट मंगाने पर लगाते तो जनता का भला हो जाता। दो हफ्ते पहले मैंने पीपीइ किट के लिए कहा था आज तक कोई जवाब नहीं आया। अब केंद्र की सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। गौतम गंभीर ने केजरीवाल के बारे में कहा कि केजरीवाल के दो हथियार घड़ियाली आंसू और विक्टिम कार्ड।

केजरीवाल सरकार ने केंद्र पर लगाया आरोप

इधर, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कोरोना से लड़ने के लिए केंद्र सरकार से दिल्ली सरकार को कोई सहायता राशि नहीं मिलने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे शर्मनाक और सौतेला व्यवहार करार देते हुए कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए अन्य राज्यों को आपातकालीन सहायता के रूप में 17,287 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित करते हुए एक पत्र में अपनी निराशा व्यक्त की है।

दिल्‍ली को नहीं मिला पैसा

सिसोदिया ने कहा कि पूरा देश कोरोना से पीड़ित है। दिल्ली सरकार और दिल्ली की जनता केंद्र के साथ सामूहिक रूप से इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए काम कर रही है। केंद्र की ओर से आपातकालीन आपदा प्रबंधन राहत के तहत सभी राज्यों को 17,000 करोड़ रुपये दिए गए पर दिल्ली को इसमें से एक रूपया भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली को किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान नहीं करना, सिर्फ यह दर्शाता है कि कोरोना जैसी आपदा के समय भी केंद्र राजनीति खेल रहा है।

ऐसे वक्‍त में नहीं हो राजनीति

सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। हमने केंद्र से दिल्ली सरकार को और अधिक पीपीई और जांच किट प्रदान करने का अनुरोध किया है। इस समय हम सभी एकजुट रहें और राजनीति न करें। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित पत्र में उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली को पैसे के आवंटन से बाहर रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में दिल्ली सर्वाधिक कोरोना पॉजिटिव हैं।

दिल्‍ली के साथ भेदभाव का आरोप

स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए, उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में दिल्ली केंद्र को सर्वाधिक साथ दे रही है। दिल्ली सरकार दिन में दो बार 6.5 लाख से अधिक लोगों को भोजन प्रदान कर रही है और लगभग 10 लाख लोगों को भोजन देने की क्षमता रखती है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली में 71 लाख लाभार्थियों को 7.5 किलोग्राम राशन मुफ्त देने का प्रावधान किया है। ऐसी स्थिति में दिल्ली को राहत कोष के दायरे से बाहर रखा जाना दिल्ली के लोगों के प्रति अनुचित व्यवहार है।

Posted By: Prateek Kumar

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