नई दिल्ली, जेएनएन। मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश के मीरापुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक अवतार सिंह भड़ाना अब कभी भी भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। इससे जाहिर है लोकसभा 2019 चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को झटका लग सकता है।

गौरतलब है कि फरीदाबाद से तीन बार और एक बार मेरठ लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके अवतार सिंह भड़ाना का क्षेत्र में बड़ा रसूख है और गुर्जर बेल्ट में उनका काफी अच्छी पकड़ भी है। यह अलग बात है कि  2014 का लोकसभा चुनाव अवतार भड़ाना ने फ़रीदाबाद संसदीय सीट से कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था, तब उनके सामने भाजपा के कृष्णपाल गुर्जर विजयी हुए थे। अगर अवतार सिंह भड़ाना भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र हरियाणा के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

कृष्णपाल गुर्जर पर उठाते रहते हैं अंगुली
कृष्णपाल गुर्जर पर भड़ाना हमेशा उंगली उठाते रहते हैं। पिछले साल उन्होंने अपने समर्थकों के बीच कहा था कि फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में जनता मौजूदा जनप्रतिनिधियों से नाखुश है। फरीदाबाद में एक कार्यक्रम में अवतार भड़ाना ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा था कि केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से क्षेत्र की जनता खुश नहीं है। फरीदाबाद में बिगड़ती कानून व्यवस्था से नाराज भड़ाना का कहना था कि वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य होने के नाते प्रधानमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष भी फरीदाबाद की बिगड़ती कानून व्यवस्था का मुद्दा उठा सकते हैं।

31 साल की उम्र में बिना विधायक बने बन गए मंत्री
अवतार भड़ाना का राजनीतिक सफर शुरू तो कांग्रेस से हुआ था, लेकिन प्रदेश की राजनीति में चर्चा में तब आए, जब 1988 में उन्हें बिना विधायक ही तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल ने अपने मंत्रिमंडल में शहरी स्थानीय निकाय राज्य मंत्री बनाया था। हालांकि तब चौधरी देवीलाल के पुत्र और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के विरोध के कारण छह माह बाद ही भड़ाना की मंत्रिमंडल से विदाई हो गई थी। इसके बाद भड़ाना कांग्रेस में शामिल हो गए और उसके बाद इनेलो में होते हुए अब भाजपा में हैं।

बड़े मियां बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह
अवतार भड़ाना के बड़े भाई करतार भड़ाना भी 1996 व 2000 में लगातार दो बार हरियाणा के समालखा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। 1996 में करतार हरियाणा विकास पार्टी से तो 2000 में इंडियन नेशनल लोकदल की टिकट पर चुनाव लड़े थे। इस दौरान भड़ाना हरियाणा के सहकारिता मंत्री भी रहे। उसके बाद भड़ाना ने भी कमल थाम लिया था। भाजपा ने उन्हें राजस्थान में सचिन पायलट के खिलाफ उतारा जहां वह पिट गए।

अवतार भड़ाना का राजनीतिक सफरनामा

1988- हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल ने अवतार भड़ाना को बिना विधायक छह माह के लिए शहरी स्थानीय निकाय राज्य मंत्री बनाया था।

 1991- अवतार भड़ाना कांग्रेस की टिकट पर फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद बने

1996- अवतार भड़ाना कांग्रेस की टिकट पर फरीदाबाद लोकसभा चुनाव में भाजपा के रामचंद्र बैंदा से चुनाव हार गए

1998- मध्यावधि लोकसभा चुनाव में अवतार भड़ाना को कांग्रेस की टिकट नहीं मिली और वे जनता दल की टिकट पर चुनाव लड़े तथा चुनाव हार गए, इस चुनाव में भी भाजपा के रामचंद्र बैंदा जीते

1999- लोकसभा चुनाव में अवतार भड़ाना को कांग्रेस ने मेरठ लोकसभा क्षेत्र से टिकट दी और यहां से भड़ाना चुनाव जीत गए

2004- लोकसभा चुनाव में अवतार भड़ाना फिर से फरीदाबाद से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े और जीत गए

2009- अवतार भड़ाना फरीदाबाद से लगातार दूसरी बार चुनाव जीते

2014- अवतार भड़ाना कांग्रेस की टिकट पर भाजपा के कृष्णपाल गुर्जर से 4.67 लाख वोट से चुनाव हार गए

2014- हरियाणा विधानसभा चुनाव में अवतार भड़ाना इंडियन नेशनल लोकदल में शामिल हो गए और उन्होंने इनेलो के लिए स्टार प्रचारक के रूप में काम किया

2015- दिल्ली विधानसभा चुनाव में अवतार भड़ाना इंडियन नेशनल लोकदल छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए और पार्टी ने इन्हें दिल्ली चुनाव में स्टार प्रचारक के रूप में उतारा।

2016- अवतार भड़ाना को भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया।

2017- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अवतार भड़ाना मीरापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़े और जीत गए

Posted By: JP Yadav

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