नई दिल्ली [सोनू राणा]। निकासी की व्यवस्था न होने की वजह से दिल्ली के दर्जनों गांवों व कालोनियों में पानी भरा हुआ है। खेत भी पानी से लबालब हो रखे हैं। इस वजह से सैकड़ों एकड़ जमीन पर लगाई गई धान की फसल व सब्जियां नष्ट हो गई हैं। किसानों के सामने आ रही परेशानी को देखते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने नाव से गांवों के खेतों का दौरा किया। इस दौरान भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विनोद सहरावत भी उनके साथ थे।

बिधूड़ी ने कहा कि राजधानी में कृषि योग्य हजारों हैक्टेयर जमीन पर पानी भरा हुआ है। न तो सिंचाई विभाग ने समय पर नालों की सफाई का काम किया और न ही अब पानी की निकासी के लिए कोई इंतजाम किया है। चार विधानसभा क्षेत्रों-बवाना, नरेला, मुंडका और मटियाला के 47 गांवों में बारिश की तबाही का मंजर साफ देखा जा सकता है। गांवों की 50 हजार बीघा जमीन पर धान की फसल नष्ट हो गई है।

इससे किसानों को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। खेतों में जलभराव की वजह से किसान खेती भी नहीं कर पा रहे है। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने की मांग की है। ताकि किसान फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकें और अगली फसल की बुआई की तैयारी कर सकें।

बिधूड़ी ने कहा कि कई वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है और किसानों को नुकसान हो रहा है। नरेला इलाके में सब्जियों की फसल समेत धान की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। इसकी कीमत सैंकड़ों करोड़ रुपये होगी। उन्होंने यहां से पानी की निकासी का प्रबंध करने व किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।

वर्षों से नहीं हुई है ड्रेन की सफाई: विनोद सहरावत

बिधूड़ी के साथ बवाना विधानसभा क्षेत्र के दरियापुर, नांगल ठाकरान, हरेवली, बाजितपुर, माजरा डबास, चांदपुर समेत 13 गांवों का दौरा कर विनोद सहरावत ने कहा कि आठ वर्षों से इलाके की एक भी ड्रेन की सफाई नहीं हुई है। जिस वजह से खेतों का पानी बाहर नहीं निकलने की बजाय गांव में भी भर रहा है। इसी वजह से नांगल ठाकरान गांव में फसल खराब हो गई है। वहीं चांदपुर गांव के श्मशान घाट में भी चार फिट तक पानी भरा हुआ है। गांव में किसी की मौत हो जाती है तो उसके अंतिम संस्कार के लिए भी ट्रैक्टर-ट्राली का सहारा लिया जा रहा है।

Edited By: Mangal Yadav