नई दिल्ली [राज्य ब्यूरो]। मोती नगर में सीवर की सफाई कर रहे पांच सफाईकर्मियों की मौत के लिए भाजपा ने दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि सीवर की सफाई के लिए सुरक्षित उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। अरविंद केजरीवाल सरकार की लापरवाही से पिछले तीन सालों में 50 से ज्यादा मजदूरों की मौत हो चुकी है। इसलिए यह दुर्घटना नहीं हत्या है और इसके लिए मुख्यमंत्री के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

केजरीवाल सरकार ने पूरा नहीं किया वादा 
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में तिवारी ने कहा कि सीवर साफ करते हुए मजदूरों की मौत को लेकर पिछले वर्ष केंद्रीय सफाई मजदूर आयोग ने हस्तक्षेप किया था। उसके बाद हमेशा की तरह अपनी गुमराह करने वाली राजनीति के तहत केजरीवाल ने दिल्ली में सीवर सेप्टिक टैंक साफ करने के लिए मशीनें उपलब्ध कराने का वादा किया था। उन्होंने हाथ से सीवर व सेप्टिक टैंक की सफाई करने पर प्रतिबंध लगाने की भी घोषणा की थी। लेकिन अपना वादा पूरा नहीं किया और लगभग एक वर्ष बाद फिर से पांच मजदूरों की मौत हो गई। जांच एजेंसियों को दिल्ली सरकार की इस लापरवाही को ध्यान में रखकर जांच करनी चाहिए। 

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सफाई कर्मचारियों की परवाह नहीं
मनोज तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री को सफाई कर्मचारियों के जीवन की परवाह नहीं है, लेकिन पूरी दिल्ली में झूठे वादों वाले पोस्टर लगाकर सस्ती वाहवाही लूट रहे हैं। आम आदमी पार्टी की ओर से पूरी दिल्ली में पोस्टर लगाए गए हैं कि उसकी सरकार ने सफाई कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया था जिसे भाजपा ने कोर्ट में जाकर कम करा दी है। जबकि इसमें किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। इस तरह के पोस्टर लगाकर वह दिल्लीवासियों व सफाई कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं।

सवालों के घेरे में दिल्ली जल बोर्ड का कामकाज 
भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाला दिल्ली जल बोर्ड का कामकाज सवालों के घेरे में है। न तो सीवर लाइन की नियमित सफाई होती है और न बड़े नालों की। इस कारण दिल्लीवासियों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है और मजदूरों की जान जा रही है। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के महापौर नरेंद्र चावला ने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ हत्या की साजिश का मामला दर्ज होना चाहिए।