नई दिल्ली, निहाल सिंह। सीलिंग से परेशान दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के लोगों को बड़ी राहत मिली है। निगम ने लोकल शॉपिंग कांप्लेक्स (एलएससी) और दुकान सह आवास में सील पड़ीं संपत्तियों को डी-सील करने व उन्हें नियमित करने का दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। चार अक्टूबर को जारी एक आदेश के बाद अब लोग लोकल शॉपिंग कांप्लेक्स में डी-सीलिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं।

निगम के आदेश के मुताबिक जोन कार्यालय में वह इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। निगम ने अपने इस आदेश में मास्टर प्लान 2020 में संशोधन के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अब लोकल शॉपिंग कांप्लेक्स में नियमितिकरण/नक्शे की मंजूरी ली जा सकती है।

अधिकतम भवनों/प्लॉट को 300-350 एक समान फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) मिलेगा। संपत्ति धारक इसके आधार पर अपनी संपत्तियों को कन्वर्जन शुल्क देकर नियमित करा सकेंगे। इसके साथ ही बेसमेंट का व्यावसायिक इस्तेमाल संभव होगा। वर्तमान मास्टर प्लान और वर्तमान कानून के अनुसार लिफ्ट लगाई जा सकेगी।

पहले लगभग आधा था एफएआर

निर्देशों के अनुसार पहले 180 एफएआर की अनुमति दी जाती थी। ऐसे प्लॉट में भूतल पर व्यावसायिक गतिविधि और ऊपर के दो तल पर रिहायशी इस्तेमाल किया जाता था। निगम के इन दिशा-निर्देशों के बाद डिफेंस कॉलोनी, निजामुद्दीन, ग्रीन पार्क, हौज खास, बाली नगर, राजौरी गार्डन के लोकल शॉपिंग कांप्लेक्स में सीलिंग की कार्रवाई से राहत मिलेगी। मॉनिटरिंग कमेटी के निर्देश पर एलएससी में सील की गईं 921 संपत्तियों की डी-सीलिंग हो सकेगी।

पार्किंग के लिए इस्तेमाल होने पर एफएआर में शामिल नहीं होगा भूतल

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार, एलएससी में लिफ्ट लगाने की अनुमति वर्तमान एकीकृत भवन नियम 2016 के अनुरूप मिलेगी। भूतल पर सौ फीसद कवरेज नियमित होगा। अगर बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किग के लिए किया जा रहा है तो उसे एफएआर में शामिल नहीं माना जाएगा।

इसके अलावा छत पर केवल उस गतिविधि की मंजूरी होगी, जो एकीकृत भवन उपनियम 2016 में स्वीकृत हैं। कन्वर्जन शुल्क, अतिरिक्त एफएआर शुल्क और पार्किग शुल्क का भुगतान मास्टर प्लान में संशोधन के तहत लिया जाएगा। एलएससी में भवन के बाहर एयकंडीश्नर (एसी) लगाना भी अवैध होगा। प्लॉट लाइन से बाहर एसी लगाना अवैध माना जाएगा। केवल छत पर ही एसी लगाया जा सकेगा।

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