नई दिल्ली, जेएनएन। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद् (एनडीएमसी) के बाद उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने भी अपने अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इस प्रस्ताव को स्थायी समिति ने पारित भी कर दिया है। इस प्रस्ताव से दिल्ली के मूल नागरिकों को लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने इस योजना को मजूरी नहीं दी है, लेकिन दिल्ली में रहने वाले पड़ोसी राज्यों के लोग इसका लाभ ले सकेंगे। जिनका मूल पता दिल्ली से बाहर का है और दिल्ली में काम करते हैं या अस्थायी तौर पर रहते हैं।

इस प्रस्ताव को पास करते हुए निगम ने दिल्ली सरकार के आयुष्मान भारत योजना को लागू करने की अपील भी की है। स्थायी समिति द्वारा पारित हुए प्रस्ताव के मुताबिक उत्तरी दिल्ली नगर निगम में छह अस्पताल हैं। इसमें हिंदू राव अस्पताल, कस्तूरबा गांधी, राजनबाबू फेफड़े एवं क्षय रोग संस्थान, महर्षि वाल्मीकि संक्रामक रोग अस्पताल, गिरधर लाल प्रसूति अस्पताल, बालकराम अस्पताल शामिल हैं।

इलाज न होने पर रेफर करेंगे निगम के अस्पताल

अगर कोई इलाज इन अस्पतालों में नहीं हो सकेगा तो निगम मरीज को केंद्र सरकार के अस्पतालों समेत उन 18 निजी अस्पतालों में रेफर भी कर सकेंगे जहां उसका इलाज हो सके। आयुष्मान भारत के लाभार्थी का पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज हो सकेगा। समिति की अध्यक्ष वीना विरमानी ने कहा कि लाभार्थी इंटरनेट पर आयुष्मान भारत की वेबसाइट पर अपना नाम जान सकते हैं। 

Posted By: JP Yadav

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