नई दिल्ली [रणविजय सिंह]। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (Delhi Metro Rail Corporation) ने मेट्रो के चौथे फेज के तीन कॉरिडार का निर्माण शुरू तो कर दिया है, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण की मार का असर साफ देखा जा सकता है। इसकी वजह यह है कि फिलहाल अन्य तीन कॉरिडोर की परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया है और अगले साल तक भी मंजूरी मिलने के आसार नहीं हैं। लिहाजा, दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने भी अब उन परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने के लिए सरकार को बार-बार याद दिलाना बंद कर दिया है और पूरा ध्यान स्वीकृत तीन कॉरिडोर के निर्माण पर केंद्रित कर दिया है। ऐसे में मेट्रो लाइट कॉरिडोर के लिए भी दिल्ली के लोगों को अब लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने बताया कि कोरोना के कारण सरकार ने निर्देश दिया है कि एक साल तक किसी नई परियोजना को मंजूरी नहीं मिलेगी। हालांकि, पहले जिन कॉरिडोर को मंजूरी मिल चुकी है उनका काम तेजी से चल रहा है। अब मजदूरों की ज्यादा कमी भी नहीं है। करीब 80 फीसद तक मजदूर उपलब्ध हैं, इसलिए स्वीकृत कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने में ज्यादा विलंब नहीं होगा।

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दरअसल, फेज चार में कुल छह मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण होना है, जिनकी कुल लंबाई 203.94 किलोमीटर होगी। केंद्र सरकार ने पिछले साल 61.67 किलोमीटर लंबे तीन प्रमुख कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी थी। इन तीनों कॉरिडोर पर 45 स्टेशन होंगे और 22.35 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत व 39.32 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड बनाया जा रहा है। तीनों कॉरिडोर के एलिवेटेड हिस्से का काम शुरू हो गया है। पिछले साल केंद्र सरकार से लाजपत नगर-साकेत, रिठाला-नरेला व इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर को मंजूरी नहीं मिल पाई थी। इन तीनों कॉरिडोर की कुल लंबाई 42.27 किलोमीटर प्रस्तावित है।

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माना जा रहा था कि इस वर्ष इन तीनों कॉरिडोर को भी मंजूरी मिल जाएगी, लेकिन केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने परियोजना में थोड़ा बदलाव करते हुए रिठाला से नरेला के बीच मेट्रो कॉरिडोर की जगह मेट्रो लाइट कॉरिडोर बनाने का सुझाव दिया था। इसके अलावा द्वारका सेक्टर 21 से कीर्ति नगर के बीच एक नए कॉरिडोर बनाने का सुझाव दिया था, जिसके बाद डीएमआरसी ने इन दोनों सुझावों के आधार पर डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए सरकार को फाइल भेज दी थी, लेकिन अब नए आदेश के मुताबिक कोई नई परियोजना शुरू नहीं होनी है।

असल में द्वारका-कीर्ति नगर मेट्रो लाइट कॉरिडोर की लंबाई 19 किलोमीटर प्रस्तावित है, जिसे 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था। वहीं, मेट्रो लाइट कॉरिडोर का निर्माण सड़क के समानांतर जमीन पर होना है और इसके स्टेशन भी बस स्टैंड जैसे होंगे, जिसकी वजह से सामान्य मेट्रो कॉरिडोर की तुलना में इसके निर्माण पर करीब 50 फीसद कम खर्च आएगा, लेकिन फिलहाल इस परियोजना को भी मंजूरी नहीं मिलने वाली है।

ये हैं निर्माणाधीन कॉरिडोर

  • एयरो सिटी-तुगलकाबाद- 20.20 किलोमीटर
  •  जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम- 28.923 किलोमीटर
  • मजलिस पार्क-मौजपुर- 12.55 किलोमीटर

ये हैं तीन लंबित कॉरिडोर

  • लाजपत नगर-साकेत- 7.96 किलोमीटर
  •  इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ- 12.58 किलोमीटर
  • रिठाला-बवाना-नरेला (मेट्रो लाइट)- 21.73 किलोमीटर

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Posted By: JP Yadav

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