नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। दिल्ली हाई कोर्ट ने गैर धर्म में शादी करने वाले युगल की सुरक्षा का आकलन करने का दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है। युगल ने याचिका दायर कर कहा कि शादी करने के फैसले से युवती के स्वजन नाराज हैं और उन्हें उनसे अपनी जान का खतरा है। सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की युवक-युवती ने मांग की है।

कोर्ट ने पुलिस को उचित कार्रवाई का दिया निर्देश

न्यायमूर्ति योगेश खन्ना की पीठ ने संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को व्यक्तिगत तौर पर सुने और उन्हें मिली धमकी का आकलन कर उचित कार्रवाई करें। पीठ ने साथ ही यह भी निर्देश दिया कि संबंधित बीट कांस्टेबल का मोबाइल नंबर भी युगत को उपलब्ध कराया जाए ताकि आपात स्थिति में वे उनसे संपर्क कर सकें।

युवती के स्वजन से मिल रही जान से मारने की धमकी

याचिका में कहा कि युवती के स्वजन की तरफ से उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। युगल ने दलील दी कि वे दोनों बालिग हैं और पिछले चार साल से रिश्ते में हैं। युवती अपनी मर्जी से घर छोड़कर आई है। सितंबर माह में उन्होंने विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी के लिए आवेदन किया था और इस संबंध में युवती ने पुलिस अधिकारियों को सूचना दी थी।

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झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी

याचिका के अनुसार युगल दिल्ली में रह रहा है और पांच अक्टूबर को युवती के परिवार से कुछ सदस्य युवक के घर में घुस आए और उसके माता-पिता को धमकी दी कि अगर युवती को वापस नहीं भेजा तो झूठे मामलों में फंसा देंगे। सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद रही युवती ने पीठ के समक्ष कहा कि युवक से शादी करने पर आपत्ति जताने के कारण वह अपने माता-पिता के घर नहीं जाना चाहती है।

Edited By: Prateek Kumar