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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब MK स्टालिन और हेमंत सोरेन से मिलेंगे सीएम केजरीवाल, केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ समर्थन जुटाने की कोशिश

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Tiwari
Published: Wed, 31 May 2023 10:22 AM (IST)

Delhi Ordinance Row केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली को लेकर लाए गए अध्यादेश के खिलाफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विपक्षी नेताओं से ...और पढ़ें

Ordinance Row: अब MK स्टालिन और हेमंत सोरेन से मिलेंगे सीएम केजरीवाल
Ordinance Row: अब MK स्टालिन और हेमंत सोरेन से मिलेंगे सीएम केजरीवाल

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विभिन्न राजनीतिक पार्टियों का समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में सीएम केजरीवाल एक जून को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात कर समर्थन की अपील करेंगे। इसके बाद दो जून को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात करेंगे।

बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली को लेकर लाए गए अध्यादेश के खिलाफ सीएम केजरीवाल लगातार विपक्षी नेताओं से मिल रहे हैं। इससे पहले वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, एनसीपी चीफ शरद पवार और सीपीआइ(एम) महासचिव सीताराम येचुरी से समर्थन मांग चुके हैं।

अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली की जनता का साथ दे कांग्रेस: केजरीवाल

गौरतलब है कि कल यानी मंगलवार को केंद्र सरकार के अध्यादेश पर सीपीआइ(एम) महासचिव सीताराम येचुरी से समर्थन मांगने गए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस के समर्थन के सवाल पर कहा था कि कि मीडिया से जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस हमारा समर्थन नहीं करेगी। सीएम ने कहा था कि लेकिन यहां केजरीवाल महत्वपूर्ण नहीं हैं। यह मुद्दा देश के जनतंत्र, संविधान और दिल्ली के लोगों का जो अपमान हुआ है, उससे जुड़ा है।

मैं कांग्रेस से यही कहना चाहता हूं कि आप केजरीवाल को छोड़ दीजिए, मेरा समर्थन मत कीजिए, लेकिन केंद्र सरकार ने दिल्लीवासियों का अपमान किया है और उनकी शक्ति छीन ली है। इसलिए आप दिल्ली की जनता का साथ दीजिए।

केजरीवाल ने कांग्रेस को चेताते हुए कहा कि आज मोदी सरकार ने दिल्ली के साथ ऐसा किया है, कल अगर ये राजस्थान में इस तरह का अध्यादेश लाते हैं, तो हम राजस्थान के साथ खड़े होंगे। तब हम यह नहीं कहेंगे कि यह भाजपा और कांग्रेस के बीच का मामला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को तय करना है कि वह मोदी के साथ खड़ी है या जनता के साथ।

येचुरी का मिला समर्थन

दिल्ली में तबादला-नियु्क्ति के मामले पर केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ केजरीवाल को येचुरी ने समर्थन देने का वादा किया है। केजरीवाल केंद्र को घेरने के लिए कई दिन से विपक्षी नेताओं को लामबंद कर रहे हैं। केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ समर्थन पाने के लिए केजरीवाल इस समय विपक्षी नेताओं से संपर्क साध रहे हैं। इसी क्रम में केजरीवाल ने मंगलवार दोपहर माकपा मुख्यालय में सीताराम येचुरी से मुलाकात कर अध्यादेश के खिलाफ समर्थन मांगा।

केंद्र सरकार को अध्यादेश लागू करने के छह महीने के अंदर संसद में विधेयक लाना होगा। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद येचुरी ने इस मुद्दे पर आप को समर्थन जताया है। केजरीवाल ने इसी मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से भी मिलने का समय मांगा है।

सीताराम येचुरी ने कहा कि केंद्र के अध्यादेश का हम विरोध करते हैं, क्योंकि यह संवैधानिक व्यवस्था व जनतंत्र के खिलाफ और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना है। उन्होंने कहा मोदी सरकार गैर-भाजपा राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है, इसे रोकना है।

भाजपा अध्यक्ष ने ली चुटकी

विभिन्न दलों से अध्यादेश के खिलाफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा समर्थन मांगने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने चुटकी ली है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र में संसद में आने वाले दिल्ली से संबंधित अध्यादेश को विफल करने के लिए राजनीतिक दलों का हर संभव दरवाजा खटखटाकर केजरीवाल ने खुद को उपहास का पात्र बना लिया है।

उन्होंने कहा कि हास्यास्पद है कि अब तक जिन नेताओं का केजरीवाल ने दरवाजा खटखटाया है, उन सबको केजरीवाल पहले भ्रष्ट कहते थे। भाजपा सांसद व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि जो लोग अध्यादेश के खिलाफ खड़े हैं वह भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े हैं। जनता इसको इसी रूप में देखेगी।