नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी पहले ही अपना रुख साफ कर चुकी है। आम आदमी पार्टी का साफतौर पर कहना है कि तीनों कृषि कानूनों से लोगों का कोई भला नहीं होने वाला है। किसान इससे बर्बाद हो जाएंगे। शुरू से किसानों के धऱना प्रदर्शन के साथ खड़ी आम आदमी पार्टी अब खुलकर किसानों के समर्थन में है। इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 28 फरवरी को मेरठ में किसान महापंचायत को संबोधित करेंगे। सोमवार को AAP के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने ट्वीट कर जानकारी दी कि मेरठ में कार्यकर्ताओं से बैठक संपन्न हो गई है, जिसमें तय किया गया है कि 28 फरवरी को मेरठ में आयोजित किसान महापंचायत को अरविंद केजरीवाल संबोधित करेंगे।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि 1857 की क्रांतिभूमि मेरठ से उठेगी किसानों के हक में आवाज। काला कानून वापस लो। संजय सिंह ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल का मेरठ जाने का मकसद अपने कार्यकर्ताओं से बातचीत करके किसान महापंचायत को सफल बनाना है। केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर उन्होंने कहा कि ये कानून किसान के डेथ वारंट पर साइन हैं। इनमें संशोधन नहीं होता, बल्कि उसे वापस लिया जाता है।

यहां पर याद दिला दें कि उत्तर प्रदेश में होने वाले 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी भी मैदान में आने को तैयार है। इसके लिए पार्टी ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, किसान राजनीति के जरिये मुख्यमंत्री केजरीवाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रवेश करेंगे। पिछले दिनों अरविंद केजरीवाल ने एलान किया है कि आम आदमी पार्टी वर्ष 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भी प्रत्याशी खड़ा करेगी।

Edited By: JP Yadav