यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IAS राजेंद्र कुमार का CBI पर आरोप, 'केजरीवाल को फंसाने के लिए दवाब डाला'
केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव रहे राजेंद्र कुमार ने CBI पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजेंद्र ने लिखा है कि ...और पढ़ें

नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव रहे राजेंद्र कुमार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) पर बेहद गंभीर आरोप लगाया है। राजेंद्र ने लिखा है कि सीबीआइ ने झूठा केस दर्ज किया। इतना ही नहीं, पूछताछ के दौरान बार-बार कहा कि उन्हें छोड़ दिया जाएगा, अगर वह दिल्ली के मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान दे दें। इतना ही नहीं उन्होंने वॉलंटरी रिटायरमेंट मांगा है।
वॉलंटरी रिटायरमेंट मांगने के लिए साथ ही उन्होंने 12 पेज का पत्र भी लिखा है। पत्र में राजेंद्र कुमार ने सीबीआइ पर बेहद गंभीर आरोप लगाया है। राजेंद्र कुमार के मुताबिक, सीबीआइ ने उन पर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बयान देने के लिए दबाव डाला था। ऐसा करने पर उन्हें छोड़ने की बात सीबीआइ ने कही थी।
बेमतलब पूछे सवाल, सीबीआइ ने दी धमकी
पत्र के मुताबिक, एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने एक महीने तक उन सवालों को लेकर पूछताछ की, जिनका उनसे कोई लेना-देना ही नहीं था। सीबीआइ पर कई बार धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
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जबरन मेल का एक्सेस हासिल किया
उन्होंने सीबीआइ पर आरोप लगाया कि उनसे जबरन मेल का एक्सेस हासिल किया गया और धमकी भी दी गई। इसके अलावा भी उन्होंने सीबीआइ पर कई और गंभीर आरोप लगाए हैं।
'केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के झगड़े में बना मोहरा'
राजेंद्र कुमार के पत्र के मुताबिक, केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के झगड़े में उन्हें मोहरा बनाया गया। पत्र के मुताबिक, उन्हें 2008 में देश का सबसे प्रतिष्ठित पीएम पदक मिला और जनसेवा में शानदार योगदान के लिए प्राइम मिनिस्टर अवॉर्ड दिया गया। पत्र में उन्होंने लिखा है अब उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। राजेंद्र कुमार ने बताया कि सीबीआइ के जरिए उन्हें झूठे केसों में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
सीबीआइ पर लगाया फंसाने का आरोप
राजेंद्र कुमार का कहना है कि सीबीआइ पर फंसाने का आरोप लगाया है। राजेंद्र के मुताबिक, सीबीआइ ने उन्हें और मुख्यमंत्री को फंसाने के लिए लोगों पर दबाव डाला और बहुत से लोगों की पिटाई भी की।
सुप्रीम कोर्ट के कई आदेशों का उल्लंघन हुआ
राजेंद्र कुमार के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के कई आदेशों का उल्लंघन किया गया और उनका निलंबन गैरकानूनी तरीके से 2 अक्टूबर को फिर से 180 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया।
किया बंसल सुसाइड का जिक्र
राजेंद्र के पत्र के मुताबिक, उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। उन्होंने लिखा है कि बंसल सूइसाइड केस के बाद वह बार-बार यह सोच रहे हैं कि क्या देश में न्याय है?
पत्र में जाहिर की निराशा
वॉलंटरी रिटायरमेंट मांगने के लिए लिखे राजेंद्र कुमार के पत्र के मुताबिक, इस व्यवस्था पर उन्हें बहुत विश्वास था, क्योंकि एक गरीब परिवार से आना वाला शख्स भी प्रशासनिक सेवा परीक्षा में सफलता पाकर आइएएस बन गया था, लेकिन आज हालात बदल गए हैं।
