नई दिल्ली, जेएनएन। पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का 66 साल की उम्र में शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute Of Medical Science) में निधन हो गया। उनको बीते 9 अगस्त को दिल्ली के एम्स में भर्ती करवाया गया था, उस समय उनको सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। 

पिछले तकरीबन दो सप्ताह से एम्स के आइसीयू में  भर्ती रहने के दौरान वे जीवन रक्षक उपकरणों के सपोर्ट पर थे। शनिवार दोपहर 12:07 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। 

बताया जाता है कि 21 अगस्त की रात अचानक से पूर्व वित्त मंत्री का स्वास्थ्य गिरता चला गया। शनिवार सुबह 9 बजे के आसपास उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। हर दवा उनके शरीर पर फेल हो रही थी। आखिर में दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। 

डॉक्टरों की मानें तो पहले हार्ट, फिर फेफड़े और फिर किडनी के भी सूजन की चपेट में आने के कारण अरुण फिलहाल डायलिसिस पर थे। इतना ही नहीं, इस सबके बावजूद पेट में संक्रमण बढ़ता चला गया और आखिर में उन्हें बचाया नहीं जा सका। अरुण जेटली ने शनिवार दोपहर 12:07 मिनट पर दुनिया को अलविदा कह दिया।

9 अगस्त से भर्ती थे एम्स में

9 अगस्त की सबह 10 बजे के आसपास स्वास्थ्य खराब होने के चलते अरुण जेटली को भर्ती कराया गया गया था।उन्हें सांस लेने में परेशानी के कारण एम्स के कार्डियक न्यूरो (सीएन) सेंटर के आइसीयू में भर्ती किया गया था। जहां कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, इंडोक्रिनोलॉजी व पल्मोनरी मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉक्टर उनका इलाज कर रहे थे।

15 अगस्त को बिगड़ी थी ज्यादा हालत

बताया जा रहा है कि 15 अगस्त को अरुण जेटली की स्थिति ज्यादा बिगड़ गई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने एक्स्ट्रा-कॉरपोरियल मैम्ब्रेन ऑक्सीजेनेशन (ईसीएमओ) मशीन का सपोर्ट देना पड़ा था। इस मशीन का सपोर्ट तब दिया जाता है, तब दिल व फेफड़ा काम करना बंद नहीं कर देता है।

लंबे समय से बीमार अरुण जेटली

दरअसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली कई महीने से मधुमेह (sugar) की बीमारी थी। सितंबर, 2014 में वजन कम करने के लिए दिल्ली के ही मैक्स अस्पताल में उनकी बैरियाट्रिक सर्जरी भी की गई थी। इस ऑपरेशन के कुछ महीनों बाद उनकी दोनों किडनियां खराब हो गई थीं। फिर मई, 2018 को एम्स में उनकी किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी (Kidney Transplant) भी हुआ था।

बीमारी के चलते चुनाव लड़ने से किया था इनकार

फिर कुछ समय बाद उन्हें सॉफ्ट टिश्यू सारकोमा कैंसर होने का मामला सामने आया था। जनवरी में इसके इलाज के लिए वह अमेरिका भी गए थे। वहां से लौटने के बाद एम्स में ही उनका इलाज चल रहा था। 

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Posted By: JP Yadav

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