नई दिल्ली [निहाल सिंह]। दिल्ली के तीनों नगर निगम उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी में राजस्व बढोत्तरी के कर की दर को निर्धारित करने के लिए निगम ने पांचवी निगम मूल्याकंन समिति (एमवीसी) के नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। हालांकि स्थायी समित ने यह भी प्रस्ताव किया है कि इस समिति के कार्य पर जो भी खर्च हो उसका वहन दिल्ली के तीनों नगर निगम करें। न केवल दक्षिणी निगम करें। प्रस्ताव में संशोधन के बाद दिल्ली सरकार को भेज दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने बीते वर्ष पांच अक्टूबर को पांचवी एमवीसी के गठन की घोषणा की थी। इसमें पूर्व नौकरशाह आनिंदो मजूमदार को चेयरमैन बनाया गया था। जबकि सेवानिवृत आइएएस उमेश कुमार त्यागी, सीए नवीन एनडी गुप्ता, अधिवक्ता एम बदर महमूद और दक्षिणी निगम के संपत्तिकर विभाग के अतिरिक्त आयुक्त को इसका सदस्य बनाया गया था।

यह समिति छह माह के भीतर कालोनियों की श्रेणी से लेकर संपत्ति की वार्षिक गणना में वृद्धि करने या कम करने पर अपनी रिपोर्ट देगी। हालांकि इससे पूर्व चार समितियां गठित की है। जिनमें करों की वृद्धि के प्रस्ताव दिए हैं, लेकिन कोई भी निगम अभी तक इसे लागू नहीं कर पाया है। बीते वर्ष में दक्षिणी और उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने तृतीय एमवीसी के हिसाब से फैक्ट्री लाइसेंस और व्यावसायिक संपत्तियों के कर में वृद्धि की थी, जिसे नागरिकों के विरोध के बाद वापस लेना पड़ा था।

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Edited By: Prateek Kumar