नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर थाना क्षेत्र में जून माह में खाली मैदान में लगातार तीन दिन तक शव के टुकड़े मिले। आरोपितों ने थाना पुलिस को खुली चुनौती दी। छह महीने तक थाना व जिला पुलिस टुकड़ों की गुत्थी को सुलझाने में लगी रही, उनकी नाक के नीचे से दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच (Delhi Police Crime Branch) ने मामला सुलझा दिया। जिस सीसीटीवी वीडियो के जरिये क्राइम ब्रांच ने अंजन दास हत्याकांड का राजफाश किया है, वह वीडियो थाना पुलिस के पास छह महीने से था। बावजूद इसके थाना पुलिस ने केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच द्वारा मामला सुलझाने के बाद थाना पुलिस व स्पेशल स्टाफ के साथ ही जिला पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं। थाना पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पुलिस ने छह महीने तक मानव शरीर के टुकड़ों के केस में क्या किया? हैरानी की बात तो यह है कि महिला ने पति की हत्या की और शव के टुकड़े कर उन्हें पैक करके पास के मैदान में लगातार तीन दिन तक फेंके।

हैरत की बात यह है कि स्थानीय पुलिस ने उस मैदान की कोई घेराबंदी तक भी नहीं की थी। उसके बाद भी वह अपने घर पर ही रहती रही, लेकिन थाना पुलिस के हाथ आरोपित महिला व उसके बेटे तक नहीं पहुंच सके। माना जा रहा है अगर श्रद्धा हत्याकांड सामने न आता तो शायद ही पांडव नगर में मानव शरीर के टुकडों का केस कभी खुल भी पाता। 

पूनम की बेटी ने कहा, पिता की थी गलत नजर

पूनम की बेटी ने कहा कि उसके पिता की उसपर और उसकी भाभी पर गलत नजर थी। कई बार उन्होंने नजरअंदाज भी किया, लेकिन उसकी हरकतेx समय के साथ बढ़ती ही जा रही थीं। कई बार अंजन को समझाया भी था कि वह ऐसा न करें, लेकिन नशे में उसे कुछ होश नहीं रहता था।  

Edited By: JP Yadav

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