नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। आनंद विहार इलाके में बुधवार देर रात रेलवे ट्रैक पर गश्त कर रहे दो जवानों की देहरादून शताब्दी की चपेट में आने से मौत हो गई। एक जवान का आधा शव ट्रेन से कटकर ट्रैक के पास नाले में जा गिरा। सूचना मिलते ही आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों शव को कब्जे में लेकर जीटीबी अस्पताल के शवगृह में पहुंचाया।

मृतकों की पहचान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के हेड कांस्टेबल कैलाश चंद शर्मा और रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएसएफ) के सिपाही सिपाही रंजन के रूप में हुई है। दोनों की तैनाती आनंद विहार स्टेशन पर थी। दोनों जवान ट्रेन की चपेट में कैसे आए, इसका पता नहीं चल पाया है। जीआरपी केस दर्ज कर हादसे के कारणों का पता लगा रही है।

जानकारी के अनुसार कैलाश चंद मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के शिकारपुर स्थित गांव अजनारा के रहने वाले थे। वह ग्रेटर नोएडा के बिसरख स्थित गिरधरपुर में परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में एक बेटा और बेटी व छोटा भाई है। उनके एक भाई भी आरपीएफ में एसआइ हैं। वहीं रंजन मूलरूप से बिहार के गया के आंती गांव के रहने वाले थे। फिलहाल वह आनंद विहार रेलवे स्टेशन स्थित आरपीएफ के बैरक में रहते थे। उनके परिवार में माता-पिता व अन्य सदस्य हैं। दोनों जवानों की ड्यूटी बुधवार शाम सात बजे से सुबह छह बजे तक आनंद विहार से मंडावली रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर गश्त की थी।

रात करीब 12:30 बजे के आसपास दोनों जवान आनंद विहार नाले के पास दिल्ली से गाजियाबाद की ओर जा रही एक ट्रेन को दूसरे ट्रैक पर खड़े होकर पास करवा रहे थे। नाले के ऊपर बने पुल से गुजरने की वजह से ट्रेन की आवाज ज्यादा हो गई थी। उसी दौरान जिस टैक पर जवान खड़े थे, गाजियाबाद की ओर से देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस आ गई।

दोनों जवान ट्रेन की चपेट में आए, सिपाही रंजन का शव ट्रेन से कट गया और आधा शव नाले में जा गिरा। 12:40 बजे हादसे की सूचना आनंद विहार जीआरपी को मिली, जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक से शव को कब्जे में लिया। आसपास तलाश की तो आधा शव नाले में पड़ा हुआ था, उसे भी बाहर निकाला। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों को स्वजन को सौंप दिया है।

Edited By: Pradeep Chauhan