नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। गर्मी कम होने के साथ ही बिजली की मांग में भी गिरावट आने लगी है। पिछले तीन दिनों में मांग में लगभग 12 सौ मेगावाट की कमी दर्ज हुई है। मांग में गिरावट आने से दिल्ली के बिजली संयंत्रों से उत्पादन भी कम हो गई है। पिछले दिनों एक हजार मेगावाट से ज्यादा बिजली दिल्ली के संयंत्रों से मिल रही थी। वहीं, शुक्रवार को करीब साढ़े पांच सौ मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ।

दिल्ली सरकार ने कहा खरीदनी पड़ रही महंगी बिजली

कोयला संकट को लेकर लेकर दिल्ली में में बिजली की कमी की आशंका जताई जा रही थी। दिल्ली सरकार का कहना था का राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) से दिल्ली को समझौते के अनुरुप बिजली नहीं मिल रही है। गैस संयंत्रों को प्रशासित मूल्य पर गैस भी नहीं मिल रही है, इस वजह से दिल्ली को महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।

केंद्र ने कहा नहीं है बिजली की कमी

दूसरी ओर केंद्र सरकार व भाजपा का कहना था कि दिल्ली में बिजली की कोई कमी नहीं है। अब गर्मी कम होने से मांग में गिरावट आने लगी है। पिछले दिनों अवकाश के दिन भी अधिकतम मांग 42 सौ मेगावाट से ऊपर रह रही थी। मंगलवार को अधिकतम मांग 47 सौ मेगावाट से ज्यादा था। शुक्रवार को देर शाम तक अधिकतम मांग 3557 मेगावाट रही।

संयंत्रों के उत्पादन में कमी

पिछले दिनों बवाना संयंत्र से आठ सौ मेगावाट से ज्यादा बिजली का उत्पादन हो रहा था, लेकिन शुक्रवार को इस संयंत्र से तीन सौ से चार सौ मेगावाट बिजली उपलब्ध हुई। अन्य संयंत्रों के उत्पादन में भी कमी आई है। बाहर के संयंत्रों से दिल्ली को तीन हजार के करीब बिजली मिली। बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव होने पर बिजली की मांग में और कमी आएगी।

Edited By: Prateek Kumar