नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा [अरविंद मिश्रा]। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के साथ पश्चिम उत्तर प्रदेश के विकास का नया अध्याय लिखने जा रहा है। होटल, शिक्षा, पर्यटन, परिवहन, कार्गो, आइटी, चिकित्सा पर्यटन के साथ औद्योगिक विकास नए आयाम को छुएगा। करीब दस लाख लोगों के लिए रोजगार सृजन के साथ कनेक्टिविटी के नए विकल्प तैयार होंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण दस हजार 56 करोड़ रुपये का है। 2024 में नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण पूरा होने के साथ यात्री सेवाओं की शुरुआत हो जाएगी। शुरुआत में सालाना एक करोड़ बीस लाख यात्री एयरपोर्ट से सफर करेंगे। चारों चरण पूरा होने के बाद यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।

नोएडा एयरपोर्ट एनसीआर की राह को आसान करेगा। दिल्ली वाराणसी हाईस्पीड रेल कारिडोर से एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा। टर्मिनल बिल्डिंग में इसका स्टेशन होगा। मात्र 21 मिनट में दिल्ली से एयरपोर्ट की दूरी तय हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन एयरपोर्ट मेट्रो की डीपीआर तैयार कर रही है। नालेज पार्क दो से एयरपोर्ट के बीच 2024 तक मेट्रो की शुरुआत हो जाएगी। नालेज पार्क दो से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बीच मेट्रो कारिडोर की व्यावहारिकता रिपोर्ट तैयार हो रही है।

एमआरओ देगा रोजगार को उछाल

नोएडा एयरपोर्ट में औद्योगिक निवेश में जबरदस्त उछाल आएगी। बोइंग, एयरबस समेत एयरक्राफ्ट की मेंटीनेंस, रिपेयर, ओवर हालिंग एमआरओ के लिए इसे मुख्य केंद्र बनाने की योजना है। इसमें करीब एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। कार्गो हब के रूप में भी एयरपोर्ट को विकसित किया जाएगा। आइजीआइ को गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद से मिलने वाला 51 फीसद कार्गो में नोएडा एयरपोर्ट की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ेगी।

दिल्ली एनसीआर के ढांचागत व औद्योगिक विकास के लिए नोएडा एयरपोर्ट बड़ा अवसर बनेगा। लाखों लोगों को रोजगार के साथ निवेश का बड़ा हब बनेगा।- डा. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण एवं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट

उद्योग से बढ़ेगी रोजगार की असीम संभावनाएं

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अपैरल, एमएसएमई, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी, डाटा सेंटर आदि परियोजनाओं पर काम हो रहा है। इसमें करीब पांच से छह लाख लोगों के लिए रोजगार मिलेगा। चिकित्सा पर्यटन, शिक्षा, सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ने से इनके विकास की गति तेज होगी।

दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे व एनएच 34 से जुड़ेगा एयरपोर्ट

हरियाणा के बल्लभगढ़ से नोएडा एयरपोर्ट तक छह लेन सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू हो चुका है। यह सड़क नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली मुंबई एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी के साथ आइजीआइ एयरपोर्ट दिल्ली से भी कनेक्टिविटी देगी। खुर्जा से जेवर तक चार लेन सड़क बनाकर एनएच 34 से जोड़ा जाएगा। इसकी व्यावहारिकता रिपोर्ट तैयार हो रही है। ग्रेटर नोएडा में बनने वाले लाजिस्टिक व ट्रांसपोर्ट हब को भी एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी दी जाएगी। ट्रांसपोर्ट हब में रेलवे टर्मिनल के साथ इंटरस्टेट बस टर्मिनल बनने जा रहा है। इसके साथ ही ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए यमुना एक्सप्रेस वे पर जगनपुर गांव के नजदीक इंटरचेंज बनाया जाएगा। रेल व सड़क कनेक्टिविटी दिल्ली एनसीआर को एक शहर की परिकल्पना को साकार रूप देगी। दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर की दूरी सिमट जाएगी।

भारतीय अध्यात्म एवं संस्कृति दुनिया में सबसे अनूठी है। इससे प्रभावित होकर दुनियाभर से हजारों सैलानी प्रति वर्ष भारत पहुंचकर यहां की संस्कृति को आत्मसात व अनुभव करने पहुंचते हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही सैलानियों को भारतीय संस्कृति की समृद्धि का अनुभव होगा।

वाराणसी व हरिद्वार के घाट की मिलेगी झलक

एयरपोर्ट टर्मिनल व परिसर को भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत होकर डिजाइन किया गया है। इसमें वाराणसी व हरिद्वार में कलकल करती गंगा किनारे के घाट का अनुभव होगा।

गंगा की लहरों सी होगी टर्मिनल प्रांगण की छत

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए डिजाइन किया गया है। टर्मिनल बिल्डिंग की छत को गंगा में उठती लहरों की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। सफेद रंग की छत से सूर्य की रोशनी दिन भर टर्मिनल बिल्डिंग को रोशन रखेगी। मिनरल बिल्डिंग का मध्य भाग पुरानी हवेलियों के आंगन की झलक देगा। इसका रंग लाल होगा।

शैलेंद्र भाटिया (नोडल अफसर, नियाल) का कहना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल प्रांगण को वाराणसी के गंगा घाट की तर्ज पर डिजायन किया गया है। जबकि, टर्मिनल बिल्डिंग की छत को गंगा में उठती लहरों की तर्ज पर डिजायन किया गया है।

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