नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। कोरोना के कारण केंद्र सरकार द्वारा 21 दिन तक पूरे देश को लॉकडाउन करने के फैसले के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम निर्णय लिया है। दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मनोज जैन ने एक अधिसूचना जारी कर दिल्ली हाई कोर्ट के साथ ही सभी निचली अदालतों की कार्यवाही को 15 अप्रैल तक के लिए निलंबित कर दिया। इसके साथ ही सभी जिला एवं सत्र न्यायधीश को कहा कि वे अपने अधीन कार्य करने वाले न्यायधीशों एवं कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दे सकते हैं।

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने लिया स्‍वत: संज्ञान

दूसरी तरफ दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जमानत पर बाहर कैदियों की जमानत अवधि 15 मई तक के लिए बढ़ा दी है। इसी तरह से पैरोल पर जेल से बाहर आए हुए कैदियों की भी पैरोल 15 मई तक के लिए बढ़ा दी गई है। जिन मामलों में स्थगन दे दिया गया था, उन सभी मामलों का स्थगन भी 15 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। यह आदेश उन सभी मामलों पर प्रभावी होगा, जिसको लेकर 16 मार्च से पहले आदेश पारित हुआ था।

कोरोना के कारण लिया फैसला

मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल एवं न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने कहा कि कोरोना को फैलने से रोकने के लिए अदालतों की संख्या कम कर दी गई है। इससे पहले 23 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने कोरोना के खतरे को देखते हुए हाई कोर्ट समेत सभी निचली अदालतों की कार्यवाही को 4 अप्रैल तक के निलंबित कर दिया था। इस दौरान हाई कोर्ट में आने वाले महत्वपूर्ण मामलों को फोन के माध्यम से रजिस्ट्रार एवं संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष मेंशन करने का निर्देश दिया गया था।

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Posted By: Prateek Kumar

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