नई दिल्ली/मेरठ (जेएनएन)। आतंकी संगठन अलकायदा ने दिल्ली-एनसीआर में ट्रेनों को डिरेल करने की साजिश रची है। अलकायदा की इंस्पायर ट्रेन डिरेल ऑपरेशन नामक पत्रिका जारी होने की भनक लगने के बाद इस बड़ी साजिश से पर्दा उठा, जिसके बाद सीआरपीएफ के डीआइजी इंटेलीजेंस ने रेलवे के उच्च अधिकारियों और आरपीएफ को 30 मई को एडवाइस पत्र जारी किया था, लेकिन यहां स्टेशन पर इसका कोई असर नहीं दिखा दे रहा।

डिवाइस घर पर बनाने का तरीका अलकायदा की पत्रिका में समझाया
सीआरपीएफ के डीआइजी इंटेलीजेंस द्वारा जारी पत्र के मुताबकि आतंकी संगठन अलकायदा ने इंस्पायर ट्रेन डिरेल ऑपरेशन नामक पत्रिका जारी की है। इसमें ट्रेनों को डिरेल करने की डिवाइस घर में ही तैयार करने का तरीका समझाया गया है। इस डिवाइस से दिल्ली के आसपास स्थित मुख्य स्टेशनों जैसे मेरठ, पानीपत, गाजियाबाद, तुगलकाबाद, पलवल और आनंद विहार से चलने वाली ट्रेनों को निशाना बनाने की साजिश है। ताकि जान और माल को बड़ी क्षति पहुंचाई जा सके।

रेलवे ने उठाए सुरक्षा कदम
उधर, एडवाइस पत्र के बावजूद रेलवे अधिकारियों के साथ साथ आरपीएफ और जीआरपी कोई खास तवज्जो नहीं दे रही है। मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन और आसपास के रेल ट्रैक की जांच की विशेष व्यवस्था तक नहीं नजर आई। हालांकि रेलवे के वरिष्ठ मंडल अभियंता (परिचालन) ने समस्त लोक निरीक्षकों को अलर्ट के साथ ही सिंगल सेक्सन लाइनों और डबल सेक्सन लाइनों की गहनता से चेकिंग के आदेश दिए थे।

इसके अलावा पत्र में ट्रैक पर संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर उसकी सूचना कंट्रोल रूम को देने के निर्देश दिए थे। कर्मचारियों द्वारा की गई चेकिंग की रिपोर्ट तैयार कर पांच जुलाई तक वरिष्ठ मंडल अभियंता (परिचालन) ने कार्यालय में प्रस्तुत करने को भी कहा है। इस संबंध में जीआरपी के एसपी सुभाष दुबे ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।

वहीं, जीतेंद्र कुमार (इंस्पेक्टर आरपीएफ, मेरठ) ने बताया कि डीआइजी इंटेलीजेंस के पत्र के आधार पर रेल ट्रैक का निरीक्षण करने के लिए ड्यूटी लगाई गई है। उधर, इस मामले में नितिन चौधरी (जनसंपर्क अधिकारी उत्तर रेलवे)सीआरपीएफ ने 30 मई को पत्र जारी किया था। जिसे पत्र के संदर्भ में मेंशन किया गया है। अब इसका कोई औचित्य नहीं है। सिर्फ हमने इसे सतर्कता के मद्देनजर रेलवे स्टेशनों को जारी किया है।

यहां पर बता दें कि अलकायदा में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद जवाहिरी ही सबसे ज्यादा जाना-पहचाना चेहरा और आवाज है। लादेन का करीबी जवाहिरी वीडियो संदेश जारी करके अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को अक्सर धमकी देता रहता है।

कौन है आतंकी संगठन अलकायदा
आतंकी संगठन तब सर्वाधिक चर्चा में आया जब 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमला किया था, जिसमे 3000 लोगों की जान चली गई और ये दुनिया का सबसे बडा हमला माना जाता है। बता दें कि 19 अल कायदा आतंकियों ने चार वाणिज्यिक यात्री जेट वायुयानों का अपहरण कर लिया। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने जानबूझकर उनमें से दो विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और न्यूयॉर्क शहर के ट्विन टावर्स के साथ टकरा दिया, जिससे विमानों में सवार सभी लोग तथा भवनों के अंदर काम करने वाले कई लोग भी मारे गए। दोनों भवन दो घंटे के अंदर ढह गए और पास की इमारतें नष्ट हो गईं और अन्य क्षतिग्रस्त हुईं। 

अलकायदा आतंकी संगठन पूरी दुनिया में होने वाली आतंकी संगठन का जिम्मेदार है। अब तक अलकायदा ने पूरी दुनिया में कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया है, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई और हजारों लोग घायल हुए।

इस कड़ी में 2005 में अल कायदा ने स्पेन के मेड्रिड में ट्रेन में बम विस्फोट कर दिया जिसमें 191 लोगों कि जान गई और 1800 लोग जख्मी हो गए थे। 2005 में अल कायदा ने लंदन की तीन भूमिगत ट्रेनों में तीन बम विस्फोट किए और एक बम विस्फोट एक बस में किया। इस हमले में 52 लोगों की जान गई और 700 लोग जख्मी हो गए थे।

Posted By: JP Yadav

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