नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। Reason for Air Pollution in Delhi: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के लिए भले ही पराली जलाने का शोर मचाया जा रहा हो, लेकिन यहां की हवा को जहरीली बनाने वाले कारणों में सड़कों पर लगने वाला जाम सबसे ऊपर है। जाम के कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं लोगों के फेफड़े खराब कर रहा है। असंगठित औद्योगिक इकाइयों से होने वाला प्रदूषण दूसरा तो सड़क किनारे व हवा के साथ उड़ने वाली धूल तीसरी सबसे बड़ी वजह है, जो समस्या को विकराल बना रहे हैं।

केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन सफर इंडिया ने हाल ही में दिल्ली-एनसीआर के 62 इलाकों का सर्वे किया है। रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों में किए गए इस सर्वे का मुख्य मकसद वायु प्रदूषण के उन नए स्त्रोतों का पता लगाना था जो अमूमन छिपे रहते हैं।

सर्वे में सामने आया कि 62 में से 56 इलाकों में प्रदूषण की बड़ी वजह भारी यातायात जाम है। दूसरी वजह छोटे लेकिन असंगठित उद्योग हैं। सड़क किनारे और हवा के साथ उड़ने वाली धूल तीसरी बड़ी वजह है। चौथी वजह सड़क किनारे और बाजारों में चल रहे ढाबे, छोटे होटल, रेहडि़यां वगैरह हैं। जहां खाने का सामान तैयार करने के लिए कोयला एवं लकडि़यां जलाई जाती हैं। खुले में कचरा जलाना, ईंट भट्ठे, डीजल जेनरेटर, श्मशान घाट और थर्मल पावर प्लांट वायु प्रदूषण बढ़ने की अन्य प्रमुख वजहें हैं।

साल में 23 फीसद दिन ही मिल रही साफ हवा

सफर का कहना है कि पूरे साल में दिल्ली-एनसीआर को महज 23 फीसद दिन ही सामान्य स्तर की हवा मिलती है। 14 फीसद दिन संतोषजनक, 38 फीसद दिन बेहद खराब और एक फीसद दिन गंभीर स्तर की हवा मिलती है। अगर सिर्फ सर्दियों के चार महीनों की बात की जाए तो दिल्ली-एनसीआर निवासियों को केवल 4 फीसद दिनों में ही साफ हवा मिल पाती है।

दिल्ली-एनसीआर में अब वर्षभर प्रदूषण रहने लगा है। इसके लिए सभी कारणों की तह में जाना एवं उनकी रोकथाम के प्रयास करना जरूरी हो गया है।

-डा. गुरफान बेग, परियोजना निदेशक, सफर।

Posted By: Prateek Kumar

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